नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा, ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की विचारधारा के मूल में कायरता है।’ इसके लिए उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के 2023 में चीन को लेकर दिए बयान का हवाला दिया।
राहुल ने कहा- अगर आप विदेश मंत्री के एक बयान पर गौर करें, तो उन्होंने कहा था कि चीन हमसे कहीं ज्यादा शक्तिशाली है। हम उससे कैसे लड़ सकते हैं? इस विचारधारा के मूल में कायरता है। वे कमजोर लोगों को मारते हैं और ताकतवर लोगों से दूर भागते हैं। यही भाजपा-RSS का स्वभाव है।
राहुल ने ये बात कोलंबिया की EIA यूनिवर्सिटी में ‘द फ्यूचर इज टुडे’ कॉन्फ्रेंस में कही। वे साउथ अमेरिकी देशों के 10 दिन के दौरे पर हैं। कोलंबिया के अलावा राहुल ब्राजील, पेरू और चिली का भी दौरा करेंगे।
राहुल के बयान पर भाजपा ने कहा कि राहुल विदेश में बैठकर भारत की बदनामी कर रहे हैं, उनका रिमोट कंट्रोल विदेशियों के हाथों में है। वे मोदी-भाजपा का विरोध करते-करते भारत और यहां की संस्थाओं के विरोध में उतर आए हैं।

राहुल गांधी कोलंबिया की EIA यूनिवर्सिटी में ‘द फ्यूचर इज टुडे’ कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।
राहुल बोले- भारत में लोकतंत्र पर हमला हो रहा
उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। ऐसा होना देश के लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। इससे देश में संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। भारत की ताकत उसकी विविधता और लोकतंत्र है, लेकिन मौजूदा हालात में इन मूल्यों पर खतरा मंडरा रहा है।
राहुल ने कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार (भारत) पर निशाना साधते हुए कहा- भारत में सत्ता में बैठे लोग चाहते हैं कि हर संस्थान सिर्फ उनके हिसाब से काम करे। यह भारत की आत्मा के खिलाफ है। छात्रों के सवाल-जवाब में उन्होंने कहा कि असहमति की आवाज को लोकतंत्र में जगह मिलनी चाहिए।
राहुल के बयान पर भाजपा बोली- राहुल गांधी को जलन और गुस्सा
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि जब भारत मोदी सरकार में मजबूत हो रहा है और बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहा है, तब राहुल गांधी जलन और गुस्से से ऐसे बयान दे रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा- ये वही राहुल गांधी हैं जिन्होंने कहा कि आई विल फाइट इंडियन स्टेट। ये वही राहुल गांधी हैं जो सेना पर टिप्पणी करते हैं तो सुप्रीम कोर्ट फटकार लगाता है।
पूनावाला ने कहा कि ये वही राहुल गांधी हैं जो जब केस हारते हैं तो ज्युडिशियरी पर सवाल उठाते हैं। जब चुनाव हारते हैं तो चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं।

