नई दिल्ली : कांग्रेस को आज मणिपुर के थौबल से अपनी मेगा यात्रा ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ से पहले आज एक बड़ा झटका लगा है। इस यात्रा का उद्देश्य आगामी लोकसभा चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना है। इस यात्रा में मिलिंद देवड़ा को भी शामिल होना था लेकिन 14 जनवरी यानी आज सुबह ही पहले उनके इस्तीफे की खबर आई। मिलिंद ने एक ऑनलाइन पोस्ट में कहा, वरिष्ठ नेता मिलिंद देवड़ा का इस्तीफा पार्टी के साथ उनके परिवार के 55 साल के रिश्ते के अंत का प्रतीक है। एक ओर केंद्र की सत्ता पर सवार भाजपा (BJP) दिन-ब-दिन मजबूत होती हुई देश की सबसे बड़ी पार्टी में तब्दील हो गई जबकि दूसरी ओर देश की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस (Congress) धीरे धीरे सिमटती चली जा रही है। उनके अपने ही एक-एक करके साथ छोड़ते चले जा रहे हैं।
वर्ष 2014 में भाजपा केंद्र में नरेंद्र मोदी की लहर में सवार हुई। वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव में मजबूती से जीत दर्ज करके दोबारा सत्ता में आई। अब 2024 में कुछ महीने बाद लोकसभा का चुनाव होना है और आलम ये है कि पिछले 5 सालों में ही इनके दिग्गज और पार्टी के वफादार कहे जाने वाले नेता ही कांग्रेस का ‘हाथ’ छुड़ाकर विदा हो रहे हैं। आइए जानते हैं कि कांग्रेस की केंद्र में वापसी को लेकर आश्वस्त नहीं होने की वजह से पार्टी की जहाज से कौन-कौन बाय-बाय बोल चुके हैं।
कांग्रेस के दिग्गज नेता मुरली देवड़ा के बेटे और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने रविवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आज ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए। उन्होंने हाल ही में विपक्षी गठबंधन के एक हिस्से उद्धव ठाकरे गुट द्वारा मुंबई दक्षिण सीट से चुनाव लड़ने का दावा करने पर नाराजगी व्यक्त की थी। मिलिंद ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह उद्योगपतियों को गाली देती है।

