नई दिल्ली/श्रीनगर/शिमला/भोपाल : मार्च में लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में मार्च के तीसरे हफ्ते में ही पारा 40 का आंकड़ा पार कर गया है। IMD ने गुरुवार को गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में हीटवेव और लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र के विदर्भ, कर्नाटक और केरल में भी हीटवेव का यलो अलर्ट है।
हालांकि जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल, असम, मेघालय, अरुणाचल, सिक्किम, नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, झारखंड, ओडिशा में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं।
बुधवार को गुजरात के वल्लभ विद्यानगर, राजकोट, सुरेंद्रनगर, बरोडा, अहमदबाद, सूरत और महाराष्ट्र के अकोला में तापमान 41°C से ज्यादा रहा। देश का सबसे ज्यादा तापमान 42.4°C महाराष्ट्र के नंदुरबार में रिकॉर्ड किया गया।
मौसम में सबसे ज्यादा बदला हुआ रूप उत्तर प्रदेश में दिखाई दिया, यहां बुधवार से घना कोहरा छाया है। विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही। मौसम विभाग के मुताबिक 18 साल बाद मार्च में ऐसे हालात बने हैं।
मेघालय में भी कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर के बीच रही। IMD का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ 14 मार्च से एक्टिव हो रहा है। जो उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है।

हिमाचल के लाहौल स्पीति में गुरुवार सुबह से बर्फबारी हो रही है।

जयपुर परकोटे में सड़क किनारे दुकानदारों ने छातों का सहारा लिया।

बिहार के जहानाबाद में बुधवार को बादल छाए रहे।
फरवरी में कम बारिश ने मार्च में गर्मी बढ़ाई
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फरवरी में उत्तर और मध्य भारत में पश्चिमी विक्षोभ कम रहे। इस कारण बारिश कम हुई। इसका असर मार्च में दिख रहा है। बादल न होने से सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं और सतह तेजी से गर्म हो रही है।
पश्चिम और मध्य भारत के ऊपर एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है। इसमें हवा नीचे दबती है, जिससे बादल कम बनते हैं और गर्म हवाएं बनी रहती हैं। ये हालात तापमान बढ़ाने और हीटवेव के लिए जिम्मेदार हैं।
हीटवेव
मौसम विभाग के मुताबिक, हीटवेव तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40°C या उससे ज्यादा पहुंच जाए। अगर तापमान सामान्य से 4°C से 6°C ज्यादा हो, तो यह लू चलने की वजह बन सकता है।
अलनीनो से जून में गर्मी बढ़ेगी, मानसून भी बिगड़ सकता है
ला-नीना कमजोर हो रहा है। अगले 3 महीने एनसो न्यूट्रल की स्थिति रहेगी, यानी ला-नीना और अलनीनो दोनों ही एक्टिव नहीं रहेंगे। अमेरिकन मौसम एजेंसी नोआ के अनुसार, जून के शुरू में अलनीनो दस्तक दे सकता है। इसी दौरान देश में मानसून आता है।
अलनीनो न सिर्फ मानसून बिगाड़ेगा, बल्कि गर्मी का दौर भी लंबा करेगा। ला-नीना में सामान्य, या फिर सामान्य से ज्यादा बारिश होती है। तापमान सामान्य से कम रहता है। अलनीनो में पारा चढ़ता है और बारिश कम होती है।
अगले 2 दिन मौसम का हाल…
- 13 मार्च- केरल और आंध्र प्रदेश (विशेषकर तटीय क्षेत्रों) में शुष्क मौसम रहेगा, लेकिन कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
- 14 मार्च- दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क और गर्म मौसम रहेगा। बंगाल और नॉर्थ ईस्ट में बारिश या गरज की संभावना है।

