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जीएलए में राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह छात्रों ने दिखाई प्रतिभा

दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में फार्मेसी विभाग के तत्वावधान में राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह की शुरुआत हो गयी है। इस साप्ताहिक कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में आयोजित राष्ट्रीय भेषजीक सप्ताह कार्यक्रम की शुरुआत विभाग के निदेशक डा. अरोकिया बाबू एवं विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी वाजपेयी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। शुभारम्भ के दौरान छात्रों के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। छात्रों ने एलोकेशन कॉन्टेस्ट, पोस्टर प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता एवं फार्मा क्विज में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।

कलाकृति उकेरने के दौरान क्विज प्रतियोगिता में बीफार्म प्रथम वर्ष की छात्रा कुसुम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र अनमोल गोस्वामी ने प्रथम, तृतीय वर्ष से प्रिया कुशवाह एवं अतिम वर्ष के छात्र सुरेन्द्र कुमार प्रथम तथा एमफार्म से कृतिका शर्मा प्रथम स्थान पर रही।
ग्रुप रंगोली प्रतियोगिता में बीफार्म की छात्रा महक एवं भारती ने प्रथम तथा एमफार्म से अंशिका प्रथम स्थान पर रही। वहीं द्वितीय स्थान पर बीफार्म से अभिषेक और अक्षत रहे।

एलोकेशन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रिया वर्मा तथा द्वितीय स्थान पर हर्षित चौहान रहे। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता में बीफार्म के अभिशेक षर्मा ने प्रथम तथा द्वितीय स्थान पर अनमोल गोस्वामी रहे।

सभी प्रतियोगिताओं का निर्णय असिस्टेंट प्रोफेसर रीना गुप्ता समापन समारोह के दौरान घोषित किया। इस दौरान विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। समन्वय की भूमिका छात्र उदय सैनी ने निभाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक डा. अरोकिया बाबू ने बताया कि राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह की थीम ‘जॉइन फार्मासिस्ट टू एंश्योर पेशेंट सेफ्टी‘ है। इसका अर्थ है कि मरीजों के इलाज में फार्मासिस्ट की अह्म भूमिका होती है, इसलिए उनकी सलाह दवा लेने में जरूर लेनी चाहिए। जीएलए विश्वविद्यालय में इस साप्ताहिक कार्यक्रम के तत्वावधान में रैली निकालकर फार्मेसी की भूमिका को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। साथ ही फार्मा रैली में पोस्टर और स्लोगन लिखकर जागरूकता फैलायी। आगामी कार्यक्रम के दिनों में छात्रों को फार्मेसी की महत्ता से अवगत कराया जायेगा। इसके लिए फार्मेसी के कई एक्सपर्ट विश्वविद्यालय पहुंचकर छात्रों से रूबरू होंगे।

उन्होंने कई रंगों के माध्यम से जमीं पर कलाकृति को उकेरने वाले छात्रों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि आज के दौर में हर क्षेत्र में काफी कम्पटीशन है। इस कम्पटीशन से आगे निकलने का मात्र सिर्फ एक ही रास्ता नजर आता है कि प्रत्येक छात्र के पास अपना-अपना हुनर होना आवश्यक है।

विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी वाजपेयी ने बताया कि दवाओं की सही उपयोग की जानकारी केवल फार्मसिस्ट के पास होती है, इसलिए उनकी सलाह लेना आवश्यक होता है। हेल्थ केयर सिस्टम में डाक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स व स्वयं मरीज तथा मरीज की देखरेख कर रहे व्यक्ति को पूरा ध्यान देने की जरूरत है।

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