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55 साल की नीनो सालुकवाजे ने Paris Olympics में रचा इतिहास, ऐसा करने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनीं

दैनिक उजाला, स्पोर्ट्स डेस्क : 55 साल की नीनो सालुकवाजे ने पेरिस ओलंपिक में उतरने के साथ ही इतिहास रच दिया। जॉर्जिया का प्रतिनिधित्व कर रहीं पिस्टल शूटर नीनो दस ओलंपिक में खेलने वाली दुनिया की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। वे पहले सोवियत यूनियन का प्रतिनिधित्व करती थीं। नीनो ने 19 साल की उम्र में 1988 सियोल ओलंपिक में शिरकत की थी, उसके बाद से उन्होंने 2024 तक हर ओलंपिक खेला है। उन्होंने 1988 सियोल ओलंपिक में 25 मीटर पिस्टल में स्वर्ण व 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीता था। पेरिस ओलंपिक में नीनो जॉर्जिया की ध्वजवाहक भी थीं, उन्होंने इन खेलों में तीसरी बार यह भूमिका निभाई।

अब 25 मीटर पिस्टल में उम्मीद

पेरिस ओलंपिक में नीनो हालांकि 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाईं। नीनो क्वालीफिकेशन राउंड में 38वें स्थान पर रहीं। अब वे शुक्रवार को 25 मीटर पिस्टल में उतरेंगी।

आठ ओलंपिक में जॉर्जिया का प्रतिनिधित्व

सालुकवाजे 1988 में सोवियत यूनियन के लिए खेलीं और सोवियत संघ के विघटन के बाद 1992 बार्सिलोना ओलंपिक में एकीकृत टीम के लिए खेलीं। पिछले आठ ओलंपिक वह जॉर्जिया का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

बीजिंग में पदक के साथ जीता था दिल

नीनो 2008 बीजिंग ओलंपिक में भी चर्चा में आई थीं जब रूस ने कुछ समय के लिए जॉर्जिया से युद्ध लड़ा था। सालुकवाजे ने कांस्य पदक जीता था और रजत पदक जीतने वाली रूस की नतालिया पेडरिना को पोडियम पर गले लगाया था। उनकी इस खेल भावना ने सबका दिल जीत लिया था।

बेटा भी शूटर, 2016 रियो ओलंपिक में साथ खेले

नीनो ही नहीं उनका बेटा टीसोने माचावारियानी भी शूटर है। 2016 के रियो ओलंपिक में नीनो और उनके बेटे टीसोने ने जॉर्जिया का प्रतिनिधित्व किया था। ओलंपिक इतिहास में एक ही समय में खेलने वाली यह मां-बेटे की पहली जोड़ी थी। टीसोने ने रियो ओलंपिक में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में शिरकत की थी।

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