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गाजा के लिए सबसे घातक बना इजराइल हमला, फिलीस्तीन में मृतकों संख्या 2300 के पार

नई दिल्ली : हमास और इजराइल के बीच जारी मौजूदा संघर्ष में 2,329 फिलीस्तीनियों की मौत हो चुकी है और यह पांच गाजा युद्धों में से फिलीस्तीनियों के लिए सबसे घातक युद्ध बन गया है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, इजराइल और हमास के बीच 2014 में हुए युद्ध में 2,251 फलस्तीनियों की मौत हुई थी, जिनमें से 1,462 आम नागरिक थे। मौजूदा युद्ध में मृतक संख्या रविवार को 2014 में हुए युद्ध की मृतक संख्या को पार कर गई।

मौजूदा युद्ध लगभग एक सप्ताह पहले उस समय शुरू हुआ था, जब हमास के आतंकवादियों ने अचानक दक्षिणी इजराइल में हमला कर दिया था। इन हमलों में 1,300 से अधिक इजराइली मारे गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हैं। इजराइल के लिए यह मिस्र और सीरिया के साथ 1973 में हुए युद्ध के बाद से अब तक का सबसे घातक युद्ध साबित हो रहा है।

इज़राइली सेना के मुख्य सैन्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हागारी ने शनिवार रात राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित एक संबोधन में निवासियों से दक्षिणी गाजा पट्टी इलाके में जाने के लिए एक नई अपील जारी की। उन्होंने कहा, “हम जल्द ही गाजा शहर पर व्यापक हमला करने जा रहे हैं।” उन्होंने हमास पर नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। इज़राइल ने संभावित जमीनी हमले से पहले गाजा की लगभग आधी आबादी को उनके घर खाली करने का आदेश दिया है।

गाजा पट्टी के चिकित्सा अधिकारियों ने कहा है कि इजराइल की संभावित कार्रवाई से पूर्व करीब 35,000 लोग शरण के लिए शहर के मुख्य अस्पताल के मैदान में एकत्र हो गए हैं। शिफा अस्पताल के महानिदेशक मोहम्मद अबू सेलिम ने पुष्टि की कि अस्पताल की इमारत और परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई है। शिफा पूरे गाजा पट्टी का सबसे बड़ा अस्पताल है। लोगों को लगता है कि उनके घर नष्ट हो जाने और उन्हें भागने के लिए मजबूर होने के बाद यह एकमात्र सुरक्षित स्थान है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने फिलीस्तीन के आतंकवादी संगठन हमास की ओर से इजराइल पर हमला किए जाने के बाद जारी युद्ध के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और फिलीस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बात की। अमेरिका ने ‘यूएसएस ड्वाइट डी आइजनहोवर कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’ (CSG) को पूर्वी भूमध्य सागर की ओर भेजना भी शुरू कर दिया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, बाइडेन ने अब्बास के साथ बातचीत में इजराइल पर हमास के क्रूर हमलों की निंदा की और कहा कि आतंकवादी समूह ‘‘फलस्तीन के लोगों के सम्मान और आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए खड़ा नहीं है।”

व्हाइट हाउस ने बताया कि बाइडेन ने नेतन्याहू के साथ बातचीत में उन्हें अमेरिकी सैन्य सहयोग के बारे में अद्यतन जानकारी दी। उन्होंने संघर्ष को बढ़ावा देने की मंशा रखने वालों को भी चेताया। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘आज दोपहर राष्ट्रपति बाइडेन ने इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की और अमेरिकी सैन्य समर्थन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने संघर्ष को बढ़ावा देने की कोशिश करने वालों को भी चेतावनी दी।” इसमें कहा गया है कि बाइडेन ने पानी, भोजन और चिकित्सा देखभाल तक निर्दोष नागरिकों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र, मिस्र, जॉर्डन, इजराइल और क्षेत्र के अन्य सहयोगियों के साथ अमेरिका के समन्वय पर नेतन्याहू के साथ चर्चा की।

इजराइल-हमास संघर्ष के बीच इजराइल छोड़ने के इच्छुक 274 भारतीय नागरिकों का चौथा जत्था शनिवार को एक विशेष विमान से स्वदेश के लिए रवाना हुआ। भारत ने सात अक्टूबर को गाजा से हमास के आतंकवादियों द्वारा इजरायल के शहरों पर किए गए हमलों के बाद स्वदेश लौटने के इच्छुक लोगों की वापसी के लिए 12 अक्टूबर को ‘ऑपरेशन अजय’ शुरू किया था। तेल अवीव में भारतीय दूतावास ने पहले घोषणा की थी कि बेन गुरियन हवाई अड्डे से शनिवार को दो उड़ानें संचालित की जाएंगी। पहली उड़ान स्थानीय समयानुसार शाम पांच बजकर 40 मिनट पर और दूसरी उड़ान 274 भारतीय नागरिकों को लेकर रात 11 बजकर 45 मिनट पर रवाना हुई। 197 भारतीय नागरिकों का तीसरा जत्था स्थानीय समयानुसार शाम करीब पांच बजकर 40 मिनट पर (भारतीय समयानुसार रात 8.10 बजे) स्वदेश रवाना हुआ।

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