तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस नेता राहुल गांधी अगर राजनीति में नहीं होते तो वह क्या कर रहे होते? क्या ये सवाल आपके जेहन में भी आया है। तो राहुल गांधी ने खुद इस कंफ्यूजन को दूर किया है और बताया है कि वह अगर राजनीति में नहीं होते तो क्या कर रहे होते।
राहुल ने क्या बताया?
केरल के 2 दिवसीय दौरे पर आए राहुल गांधी ने बताया कि अगर वह राजनीति में नहीं होते, तो शायद एयरोस्पेस क्षेत्र में किसी उद्यमिता से जुड़े होते। उन्होंने कहा कि अगर वह राजनीतिक संगठन के लिए काम नहीं कर रहे होते तो वह उद्यम कर रहे होते। ये उद्यम एयरोस्पेस के क्षेत्र में होता।
राहुल ने ये भी कहा कि मैं पायलट हूं। मेरे पिता और चाचा भी पायलट थे। राहुल ने कहा कि हमें हर चीज के बारे में जिज्ञासू होना चाहिए। आपको अपना दिमाग खुला रखना चाहिए।
भारत कैसे कर सकता है चीन से प्रतिस्पर्धा?
राहुल गांधी ने कहा, “विश्व में हो रहे परिवर्तनों के आधार पर नीतियां बनानी होंगी। अमेरिका-ब्रिटेन कैसे शक्तिशाली बने? उन्होंने आवागमन पर नियंत्रण करके शक्ति प्राप्त की। अंग्रेजों ने भाप इंजन और कोयले पर नियंत्रण किया। उन्होंने नौसेना का निर्माण किया और व्यापार मार्गों पर नियंत्रण रखा। अमेरिकियों ने बाद में पेट्रोलियम के साथ भी कुछ ऐसा ही किया।
उन्होंने कहा, “आज प्रौद्योगिकियों पर किसका वर्चस्व है? यहां न भारत है, न अमेरिका और न ही यूरोप। यहां चीन है। ये हमारे लिए यह एक बड़ी समस्या है, क्योंकि हम उन कुछ देशों में से एक हैं जिनके पास इस परिवर्तन को करने की क्षमता है। मेरा मानना है कि सही नीतियों और दूरदृष्टि के साथ भारत चीन से प्रतिस्पर्धा कर सकता है।”
उन्होंने कहा, “हमारी पूरी व्यवस्था मूलतः तीन-चार व्यवसायों के नियंत्रण में है। वे कुछ भी उत्पादन नहीं करते; वे मुख्य रूप से ऐसे उत्पादों को बेचने में मदद करते हैं जो हमारे स्थानीय उत्पादकों को नुकसान पहुंचाते हैं। आप जीएसटी का उदाहरण लें, जीएसटी, उत्पादकों को नुकसान पहुंचाता है। मूलभूत मुद्दे हैं। आप एक ऐसा जीएसटी बनाते हैं जो लघु और मध्यम उद्योगों को खत्म कर देता है, और फिर बाद में सोचते हैं, “हम कोई रोजगार क्यों नहीं पैदा कर रहे हैं?”

