नागौर : कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है- पंचायत चुनावों को लेकर सरकार के पास इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) से नेगेटिव रिपोर्ट आई है, इसलिए सरकार जानबूझकर पंचायत चुनाव नहीं करवा रही है।
रिपोर्ट में साफ है कि आगामी पंचायती चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ होने वाला है। सरकार ओबीसी आयोग का सिर्फ बहाना बना रही है।
नागौर जिला कांग्रेस ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात कहीं। उन्होंने कहा- शादियों का सीजन चल रही है। लोगों को कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं, उनको दिक्कत हो रही है। होटलों में सिलेंडर नहीं होने से विदेशी पर्यटको को परेशानी हो रही है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए कल(गुरुवार) से प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुआत कांग्रेस करेगी।

डोटासरा ने कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात की इस दौरान नागौर और डीडवानाकुचामन जिलाध्यक्ष भी साथ मौजूद रहे।
डोटासरा ने अशांत क्षेत्र विधेयक (डिस्टर्ब एरिया बिल) को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे गुजरात मॉडल पर आधारित बताते हुए कहा- यह केवल हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रोटियां सेकने का जरिया मात्र है। उन्होंने वादा किया कि साल 2028 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार की वापसी होते ही इस बिल को लागू नहीं होने दिया जाएगा।
डोटासरा ने आगामी पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तैयार रहने के लिए कहा। उन्होंने दावा किया कि आईबी की रिपोर्ट है, जिसमें साफ बताया है कि आने वाले चुनावों में भाजपा का सूपड़ा साफ होने वाला है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर महंगाई और सरकार की विफलताओं के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएं। डोटासरा ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे जनता के सुख-दुख में सहभागी बनें और कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करें।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल के दौरान रिफायनरी के कार्य को जानबूझकर पांच साल तक रोका गया और अब जब यह बनकर तैयार हो चुकी है, तब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके उद्घाटन के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। सीएम भजनलाल शर्मा में प्रधानमंत्री से समय मांगने की हिम्मत नहीं है, जिसका सीधा असर राजस्थान की जनता पर गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के रूप में पड़ रहा है।

