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‘मर्दों की पार्टी है, अकेले आना’, शक्तिमान की गीता विश्वास से मां के सामने हुई थी भद्दी डिमांड, न कहने पर खोई फिल्म

  • मुकेश खन्ना के साथ ‘शक्तिमान’ में गीता विश्वास के किरदार निभाकर दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाने वालीं वैष्णवी मैकडोनाल्ड ने हाल ही में इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों को याद किया

दैनिक उजाला, मनोरंजन डेस्क : ‘शक्तिमान’ फेम एक्ट्रेस वैष्णवी मैकडोनाल्ड टीवी इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं। वैष्णवी ने शक्तिमान में गीता विश्वास का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने टीवी के साथ-साथ फिल्मों में भी काम किया। लेकिन, वैष्णवी का कहना है कि उनका बॉलीवुड में एक्सपीरियंस कुछ खास नहीं रहा। अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा। कई बार उनके सामने भद्दी डिमांड्स रखी गईं, जिसके चलते उन्होंने फिल्मों में काम न करने का फैसला किया। इसी बीच उन्हें शक्तिमान में गीता विश्वास का किरदार ऑफर हुआ और उन्होंने हां कह दी।

सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में वैष्णवी मैकडोनाल्ड ने फिल्मी दुनिया में अपने साथ हुए निराशाजनक पलों को याद किया। उन्होंने बताया कि उन्हें फिल्में तो ऑफर हुईं, लेकिन उसके बदले उनसे कॉम्प्रोमाइज करने की उम्मीद की जाती थी। उस सिचुएशन को याद करते हुए वैष्णवी बताती हैं कि कोम्प्रोमाइज न करने के चलते कई बार उनके हाथ से फिल्में निकल गईं और लगातार हो रही ऐसी डिमांड्स के चलते उन्होंने फिल्मों में काम न करने का फैसला कर लिया था। उन्होंने बताया कि एक फिल्म के तो पोस्टर-बैनर तक छप चुके थे, फिर भी कॉम्प्रोमाइज न करने पर उन्हें फिल्म से निकाल दिया गया।

मां के सामने हुई भद्दी डिमांड

वैष्णवी ने एक घटना याद करते हुए कहा- ‘मुझे और मेरी मां को ऑफिस में बैठाया गया और कहा गया- देखिए फिल्म के पोस्टर और बैनर छपकर आ गए हैं। लेकिन, वैष्णवी अब इस फिल्म में काम नहीं कर सकती।’ वैष्णवी के अनुसार, उन्हें फिल्म में बतौर लीड हीरोइन कास्ट किया गया था, लेकिन उन्हें आखिरी मौके पर बाहर कर दिया गया, क्योंकि वह कॉम्प्रोमाइज करने के लिए तैयार नहीं थीं।

शाम के वक्त अकेले मिलने के लिए बुलाया- वैष्णवी

वैष्णवी आगे कहती हैं- ‘उन्होंने शाम को मुझे अकेले मिलने आने के लिए कहा। बोले- सिर्फ मर्दों की पार्टी होगी, अकेले आना। हम सब साथ में शराब पीयेंगे। लेकिन, मेरी मां हमेशा मेरे साथ होती थीं, मैं जहां भी जाती थी वो भी रहती थीं। ये बात उन लोगों को खटकती थी। मेरी मां कभी मुझे अकेला नहीं छोड़ती थीं, वह ही मुझे लेने आती थीं और छोड़ने जाती थीं। प्रोडक्शन हाउस ने मेरा पासपोर्ट बनवाया, लेकिन कहा कि आपकी मां का पासपोर्ट नहीं बन पा रहा है। मुझे स्विट्जरलैंड में शूटिंग करनी थी।’

डायरेक्टर नहीं, हीरो था इंटरेस्टेंड

वैष्णवी ने कहा- ‘फिल्म का डायरेक्टर तो नहीं, लेकिन हीरो मुझमें इंटरेस्टेड था। एक्ट्रेस ने मना किया तो हीरो को बुरा लग गया। वो उस समय की काफी बड़े प्रोडक्शन हाउस की बड़ी फिल्म थी और मुझे लास्ट मिनट पर निकाल दिया गया। फिल्म के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और हीरो ने मिलकर ये फैसला लिया था, जिसकी वजह थी मेरा कॉम्प्रोमाइज न करना। मैं रिजर्व रहती थी, इसलिए मेरा फिल्मी करियर ज्यादा नहीं चल पाया। मैं शॉर्ट ड्रेसेस नहीं पहनती थी, किसी के साथ कहीं अकेले नहीं जाती थी। शुरुआत में तो ढेरों ऑफर मिले, लेकिन फिर धीरे-धीरे ऑफर मिलना बंद हो गया। फिर मैंने सीरियल चुना, हालांकि मेरी मां इसके खिलाफ थीं। लेकिन, मैंने विरोध करते हुए कहा कि अब भी तो गिनी-चुनी फिल्में ही मिलती हैं।’

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