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प्रेमानंद महाराज की रोज़ हो रही डायलिसिस के बीच उनसे मिलने शरणानंद महाराज पहुंचे

  • वृंदावन के पूज्य संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ी, रोजाना हो रहा है डायलिसिस

दैनिक उजाला, मथुरा : प्रेमानंद महाराज की रोज़ हो रही डायलिसिस के बीच उनसे मिलने प्रसिद्ध संत कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज पहुंचे। शरणानंद महाराज ने प्रेमानंद महाराज से कहा कि उनके शिष्य किडनी देना चाहते हैं। इस पर प्रेमानंद महाराज बोले – जब तक श्री जी का पॉवर है तब तक इन्हीं किडनियों से चलवा रही हैं। जिस दिन फेल होना होगा उस दिन नई किडनी भी फेल हो जायेगी।

ब्रजभूमि की पवित्र धरती पर बुधवार को एक विशेष आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला, जब प्रसिद्ध संत शरणानंद महाराज ने प्रेमानंद महाराज से उनके आश्रम में भेंट की। दोनों संतों की यह मुलाकात भक्तिभाव और आत्मीयता से परिपूर्ण रही।

सूत्रों के अनुसार, दोनों संतों ने धर्म, भक्ति और मानवता के कल्याण पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान भक्तों की बड़ी संख्या प्रेमानंद आश्रम में उपस्थित रही और दोनों महात्माओं के दर्शन का लाभ लिया। वातावरण ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्री कृष्ण’ के उद्घोषों से गूंज उठा।

वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल

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भेंट के दौरान प्रेमानंद महाराज ने कहा कि “भक्ति का सार प्रेम में है, और प्रेम का विस्तार सेवा में।” वहीं शरणानंद जी महाराज ने कहा कि “संत मिलन से समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।”

अपने अंग वस्त्र से गुरु के चरणों को पूजते प्रेमानंद महाराज।

अपने अंग वस्त्र से गुरु के चरणों को पूजते प्रेमानंद महाराज।

गुरु को फूल-माला अर्पित करत चरण वंदन करते प्रेमानंद महाराज।

गुरु को फूल-माला अर्पित करत चरण वंदन करते प्रेमानंद महाराज।

इस भेंट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों संतों के दर्शन और उनकी मधुर बातचीत को लाखों लोग देख और साझा कर रहे हैं। भक्तजन इसे “भक्ति संगम का अद्भुत क्षण” बता रहे हैं।

ब्रज क्षेत्र में यह मुलाकात चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। श्रद्धालु इसे “दो महान संतों का मिलन” कहकर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।

पिछले कई दिनों से अपनी दैनिक पैदल तीर्थयात्रा नहीं कर रहे हैं

वृंदावन के पूज्य संत प्रेमानंद महाराज पिछले कई दिनों से अपनी दैनिक पैदल तीर्थयात्रा नहीं कर रहे हैं। श्री काली कुंज आश्रम ने एक आधिकारिक सूचना जारी कर बताया है कि स्वास्थ्य कारणों से महाराज की तीर्थयात्रा अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई है। उनके दर्शन की अभिलाषा लिए प्रतिदिन आने वाले भक्तों की आंखों में यह समाचार सुनकर आंसू आ गए।

आपको बता दें कि हर दिन बड़ी संख्या में भक्त रमण रेती स्थित काली कुंज आश्रम में प्रेमानंद महाराज की एक झलक पाने की आशा में लिए आते हैं। भक्त उनके प्रवचनों को युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का श्रेय देते हैं। चार दिन पहले तक महाराज अपने फ्लैट में सप्ताह में पांच दिन डायलिसिस करवाते थे लेकिन अब यह उनकी रोजाना की आवश्यकता बन गई है।

रोजाना हो रहा है डायलिसिस | Premanand Maharaj dialysis

फिलहाल उनका इलाज डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। उम्र और बीमारी को देखते हुए उन्हें अब लंबे आराम की जरूरत है। इसलिए उनकी रोजाना की पदयात्राएं कुछ समय के लिए रोक दी गई हैं। भक्तों से निवेदन है कि वे शांति और धैर्य बनाए रखें, और महाराज जी के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते रहें। अभी का समय सेवा करने से ज़्यादा, प्रार्थना और संयम दिखाने का है।

महाराज की दैनिक तीर्थयात्रा और भक्त समागम

सामान्य दिनों में प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) श्री कृष्ण शरणम सोसाइटी से काली कुंज आश्रम तक लगभग 2 किलोमीटर पैदल चलते हैं। इस मार्ग पर हजारों भक्त उनकी प्रतीक्षा करते हैं, कभी-कभी सप्ताह के दिनों में यह संख्या 20,000 तक पहुंच जाती है और प्रमुख त्योहारों के दौरान 3 लाख से भी ज्यादा हो जाती है। हजारों लोगों के इंतजार के बावजूद, महाराज अपनी तीर्थयात्रा पर नहीं निकले। यही स्थिति तीन दिनों तक जारी रही जिसके कारण आश्रम ने अनिश्चितकालीन रोक की घोषणा कर दी।

प्रेमानंद महाराज की स्वास्थ्य चुनौतियां

प्रेमानंद महाराज को यह बीमारी वर्ष 2006 में सामने आई थी जब उन्हें पेट में दर्द की शिकायत हुई। महाराज 2006 से पॉलीसिस्टिक किडनी रोग से पीड़ित हैं, जब पेट दर्द से पता चला कि उनकी किडनी में गंभीर क्षति हुई है। शुरुआत में कानपुर में इसका पता चला और बाद में दिल्ली में इसकी पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों किडनी खराब हो गई थीं। तब से महाराज वृंदावन चले गए और राधा नाम के जाप में समर्पित हो गए। उन्होंने स्नेहपूर्वक अपने गुर्दों का नाम कृष्ण और राधा रखा।

आश्रम में डायलिसिस

संत प्रेमानंद महाराज श्री कृष्ण शरणम सोसाइटी में रहते हैं, जहां उनके दो फ्लैट हैं। एक फ्लैट उनका निवास स्थान है जबकि दूसरे में छह डॉक्टरों की एक टीम द्वारा डायलिसिस किया जाता है। पहले अस्पतालों में किया जाने वाला डायलिसिस अब उनकी स्थिति की गंभीरता के कारण उनके घर पर ही प्रतिदिन किया जाता है। यह प्रक्रिया प्रत्येक सत्र में चार से पांच घंटे तक चलती है।

दुनिया भर से भक्त और शुभचिंतक

कई डॉक्टरों और भक्तों ने महाराज की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया के एक कार्डियोलॉजिस्ट अपनी पत्नी के साथ संत की देखभाल के लिए वृंदावन आ गए।

देश की है बड़ी हस्तियों ने भी महाराज को किडनी दान करने की पेशकश की है। अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा पिछले महीने महाराज से मिलने गए थे, और राज ने किडनी दान करने की इच्छा व्यक्त की थी। इटारसी के आरिफ खान चिश्ती और श्री कृष्ण जन्मभूमि एवं शाही ईदगाह मा

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