नई दिल्ली : साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में चल रहे BRICS देशों के मीटिंग में आज बड़ा फैसला लिया गया। BRICS में अब 5 की जगह 11 देश होंगे। इस फैसले के बाद अब ईरान, अर्जेंटीना, इथियोपिया, इजिप्ट, ईरान, यूएई और सऊदी अरब भी BRICS के सदस्य होंगे। इनकी सदस्यता 1 जनवरी 2024 से लागू हो जाएगी। जोहान्सबर्ग में चल रहे BRICS के 15वें समिट में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा ने ये ऐलान किया। बता दें कि BRICS में शामिल होने के लिए 40 देशों ने इच्छा जताई थी। लेकिन फिलहाल 6 देशों को ही सदस्य बनाया गया है।
बता दें BRICS दुनिया की पांच सबसे तेज अर्थव्यवस्थाओं का ग्रुप है। ब्रिक्स का हर एक अक्षर एक देश का प्रतिनिधित्व करता है। B से ब्राजील, R से रूस, I से इंडिया, C से चीन और S से मिलकर इस फोरम का नाम BRICS बना था। लेकिन अब 6 और देशों के जुड़ जाने के बाद इसे BRICS PLUS कहा जा रहा है।
BRICS की मीटिंग में शामिल होने के लिए जोहान्सबर्ग पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत BRICS के विस्तार का समर्थन करता है। पीएम मोदी ने इस दौरान स्पेस रिसर्च समेत कई क्षेत्रों में BRICS देशों के बीच सहयोग का दायरा और बढ़ाने के लिए 5 सुझाव भी दिए। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि तीन दिनों के विचार-विमर्श से कई सकारात्मक परिणाम निकले. हमने ब्रिक्स के विस्तार का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
BRICS के विस्तार की घोषणा करते हुए साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा ने कहा कि BRICS के विस्तार प्रक्रिया के पहले चरण पर हमारी सहमति बना गई है। अभी हमने अर्जेंटीना, इजिप्ट, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बनने के लिए आमंत्रित करने का फैसला किया है। इनकी सदस्यता 1 जनवरी 2024 से लागू होगी। वहीं, उन्होंने ये भी कहा कि जिन देशों को इस बार विस्तार में जगह नहीं मिला है उन्हें अगले साल होने वाली बैठक में शामिल किया जाएगा।
40 देशों ने शामिल होने की जताई इच्छा
दरअसल, जोहान्सबर्ग में BRICS समिट चल रहा है. इस समिट में ब्रिक्स समूह का विस्तार प्रमुख विषय है। 40 से अधिक देशों ने ब्रिक्स में शामिल होने में इच्छा व्यक्त की है। इनमें से 23 देशों ने तो इसकी सदस्यता के लिए आवेदन भी किया है। आवेदन करने वाले देशों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अर्जेंटीना शामिल हैं।

