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Thu. Feb 12th, 2026

जीएलए के मेधावी छात्रों को अमेरिकी विश्वविद्यालयों से मास्टर डिग्री और रोजगार के अवसर

  • जीएलए में प्रोजेक्ट प्रथम कार्यक्रम के तहत मेधावी छात्रों को अमेरिकी विश्वविद्यालयों से मास्टर ऑफ डिग्री के साथ मिलेंगे बेहतर रोजगार के अवसर

दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही छात्रों को आकर्षण पैकेज पर शीर्ष कम्पनियों में नौकरी मिल रही है। अब विश्वविद्यालय ने अपने मेधावी छात्रों को 1 साल की प्रोफेशनल मास्टर ऑफ साइंस डिग्री के लिए अमेरिकी विश्वविद्यालयों में भेजने के लिए प्रोजेक्ट प्रथम कार्यक्रम की शुरूआत की है।

यह परियोजना अमेरिका के व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल ब्रीफिंग में घोषित क्रिटिकल एण्ड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (आईसीईटी) पहल के तहत शुरू की गई है। इससे संकेत लेते हुए भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने शिक्षा और कौशल विकास पर एक कार्यक्रम समूह की शुरूआत की है। जिससे छात्रों, संकाय सदस्यों और उच्च शिक्षा प्रमाणपत्र और डिग्री कार्यक्रमों के आदान-प्रदान के माध्यम से दोनों देशों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई गयी है।

प्रोजेक्ट प्रथम कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए जी.एल.ए. के प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने बताया कि अमेरिका में एसटीईएम (विज्ञान प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग गणित) विषयों में अत्यधिक विशिष्ट कौशल की भारी कमी है। इस डिग्री को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले भारतीय छात्रों को संयुक्त राज्य अमेरिका में उच्च वेतन वाली नौकरी की पेशकश मिलेगी। उन्होंने बताया कि जीएलए में प्रोजेक्ट प्रथम कार्यक्रम को सितम्बर 2023 में शुरू किया गया था और अन्तिम वर्ष के बी.टेक, बीफार्म और बीएससी (एग्री) ऑनर्स के विद्यार्थियों के हित को मद्देनज़र रखते हुए नवम्बर माह में कार्यालय का औपचारिक शुभारम्भ किया गया।

इसी श्रृंखला के अन्तर्गत अमेरिकी विश्वविद्यालय में से एक ट्रॉय विश्वविद्यालय, अल्बामा से कम्प्यूटर विज्ञान विभाग के अध्यक्ष और स्नातक कार्यक्रमों के निदेशक प्रो. सुमन कुमार ने जी.एल.ए. विश्वविद्यालय पहुँचे।

इस दौरान प्रो. कुमार ने वरिष्ठ प्रबन्धन और संकाय सदस्यों को अपने विश्वविद्यालय और कम्प्यूटर विज्ञान में स्नातक डिग्री कार्यक्रमों के बारे में विवरण दिया। उन्होंने स्नातक छात्रों को साइबर सुरक्षा, डेटा साइंस, क्लाउड और बिग डेटा, बायो-इंफॉर्मेटिक्स, वीडियो गेम डिजाइन, सॉफ्टवेयर डेवलपमेन्ट आदि जैसी विभिन्न विशेषज्ञताओं की पेशकश के बारे में बात की। इस दौरान उन्होंने जी.एल.ए. परिवारजनों को बताया कि शिक्षा और कौशल विकास अमेरिका में बड़ी भूमिका में है। यहाँ स्नातक छात्रों को शीर्ष अमेरिकी कम्पनियों सीजीआई, जिटरबिट, लॉकहीड मार्टिन आदि में नौकरी मिल जाती है।

जीएलए प्रथम प्रोजेक्ट के मुख्य संरक्षक डा. प्रमोद जोशी एवं रतुल घोष ने बताया कि जी.एल.ए. अपने छात्रों को संयुक्त राज्य अमेरिका में उच्च तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी उद्योगों, विनिर्माण, सॉफ्टवेयर, एयरोस्पेस, बायो-टेक, एग्री-टेक, फार्मा आदि में मज़बूत पकड़ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान दोनों पक्ष छात्र आदान-प्रदान, संयुक्त नवाचार और अनुसंधान, ट्विनिंग और संयुक्त डिग्री कार्यक्रमां आदि में सहयोग की सम्भावनाओं पर आगे चर्चा करने पर सहमत हुए।

जी.एल.ए. परिसर और कार्यषालाओं के व्यापक दौरे के बाद प्रोफेसर कुमार ने कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, कृषि विज्ञान, व्यवसाय प्रबन्धन, आदि विभाग के संकाय सदस्यों के साथ अपनी बैठकों में जी.एल.ए. में उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की।

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