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Thu. Feb 12th, 2026

UP: नया बिजली कनेक्शन सस्ता… इतने में लगेगा प्रीपेड मीटर; ग्राहकों के लिए तोहफा

  • यूपी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है, यूपी में अब नया बिजली कनेक्शन लेना पहले से सस्ता और आसान हो गया है, स्मार्ट प्रीपेड मीटर सिंगल फेस की कीमत 6016 की जगह 2800 देनी होगी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में नया बिजली कनेक्शन लेना अब पहले से सस्ता और आसान हो गया है। विद्युत नियामक आयोग ने बुधवार को नई कॉस्ट डाटा बुक-2025 जारी कर दी। इसके तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर और नए कनेक्शन की लागत में बड़ी कटौती की गई है। 

साथ ही एस्टीमेट बनाने की व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत 6016 रुपये से घटाकर 2800 रुपये कर दी गई है। वहीं, थ्री फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब 11342 रुपये की जगह 4100 रुपये में लगाया जाएगा। 

आयोग ने नए बिजली कनेक्शन के लिए एस्टीमेट प्रणाली को खत्म करते हुए फिक्स चार्ज लागू कर दिया है। अब 300 मीटर तक दूरी और 150 किलोवाट तक लोड (निजी नलकूप को छोड़कर) के लिए अलग से एस्टीमेट तैयार नहीं किया जाएगा।

नई दरों के अनुसार, यदि कोई उपभोक्ता 2 किलोवाट का कनेक्शन 100 मीटर तक दूरी पर लेता है तो उसे 5500 रुपये एकमुश्त जमा करने होंगे। वहीं, 300 मीटर की दूरी के लिए 7555 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। 

पहले ऐसे मामलों में खंभा, तार और ट्रांसफार्मर के नाम पर 10 से 20 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। आयोग के सचिव सुमित अग्रवाल ने बताया कि पावर कॉर्पोरेशन को निर्देश दिए गए हैं कि 12 जनवरी 2026 तक सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव कर लिए जाएं ताकि नई दरों के अनुसार ही उपभोक्ताओं से शुल्क लिया जा सके। 

जिन्होंने मीटर लगवा लिया, उनके लिए अलग से व्यवस्था
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं ने नौ सितंबर 2025 के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए 6016 रुपये जमा किए हैं, उसकी वापसी के लिए भी विकल्प देने पर विचार किया जा रहा है।

बीपीएल उपभोक्ताओं को विशेष राहत
नई कॉस्ट डाटा बुक में गरीब और बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए कई रियायतें दी गई हैं। इन उपभोक्ताओं के लिए प्रोसेसिंग शुल्क और सुरक्षा जमा राशि शून्य कर दी गई है। 100 मीटर तक दूरी के लिए केवल 500 रुपये अग्रिम राशि लेकर कनेक्शन दिया जाएगा।

शेष राशि 12 महीनों तक 45 रुपये की मासिक किस्त में बिजली बिल के साथ जमा की जा सकेगी। वहीं, सिंगल फेज कनेक्शन लेने वाले बीपीएल उपभोक्ताओं को मीटर की कीमत 2800 रुपये दो किस्तों में जमा करने की सुविधा मिलेगी। आवेदन के समय 1000 रुपये देने के बाद कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा। शेष राशि 24 समान मासिक किस्तों में भी जमा करने की सुविधा रहेगी।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब सस्ते
सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर

पहले        अब
₹6016     ₹2800

थ्री फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर
पहले ₹11342
अब ₹4100

नई कालोनियों में देना होगा सिर्फ मीटरिंग शुल्क
विद्युत नियामक आयोग ने बुधवार को नई कास्ट डाटा बुक-2025 जारी कर दी है। इसके अनुसार, अविकसित गैर-विद्युतीकृत कॉलोनियों के निवासियों को केवल मीटरिंग शुल्क का भुगतान करना होगा। बुनियादी ढांचे के नाम पर लिए जाने वाला शुल्क खत्म कर दिया गया है।

नियामक आयोग ने तर्क दिया है कि बुनियादी ढांचे की लागत को पहले से ही प्रति वर्ग फुट विकास शुल्क के माध्यम से वसूलने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह बहुमंजिला भवनों में मल्टी-पॉइंट कनेक्शनों के लिए भी समान व्यवस्था प्रदान की गई है। सप्लाई कोड 2005 के 13वें संशोधन के प्रावधान के अनुरूप 11 केवी वोल्टेज पर जारी किए जा सकने वाले लोड की सीमा को 3 एमवीए से बढ़ाकर 4 चार एमवीए कर दिया गया है।

नई कास्ट डाटा बुक में यह व्यवस्था दी गई है कि एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्बर (एएमआई) के विकास एवं संचालन से संबंधित लागत नए उपभोक्ताओं से वसूल नहीं की जाएगी, क्योंकि इसका प्रावधान पहले से ही आरडीएसएस के तहत किया जाएगा।

इसी तरह एक ही 25 केवीए ट्रांसफार्मर से कनेक्शन लेने के लिए पीटीडब्ल्यू उपभोक्ताओं से लिया जाने वाला देय रूपांतरण की साझा लागत को प्रस्तावित 50 फीसदी के बजाय 33.3 फीसदी रखा गया है।

इसी तरह स्वतंत्र 3-फेज 16 केवीए ट्रांसफॉर्मर या सिंगल फेज 10 केवीए ट्रांसफॉर्मर के माध्यम से कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए लागत स्वीकृत की गई है। 20 लाख से अधिक की सुरक्षा राशि के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को बैंक गारंटी / ई-बैंक गारंटी के माध्यम से भी भुगतान का विकल्प दिया गया है।

क्या होता है कास्ट डाटा बुक
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की ओर से जारी की गई नई कॉस्ट डाटा बुक 2025 अगले दो वर्ष के लिए मान्य होगी। इसके जरिए उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति के लिए विभिन्न शुल्कों (प्रोसेसिंग फीस, सुरक्षा जमा, सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज, सामग्री लागत, स्मार्ट मीटर लागत आदि) की दरें निर्धारित की गई हैं। इससे पहले 8 जुलाई 2019 को संशोधित कास्ट डाटा बुक जारी किया गया था।

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