Breaking
Thu. Feb 12th, 2026

26 मंत्री और 60 से ज्यादा विधायक रणभूमि में उतरे…फिर भी भाजपा को मिली हार

दैनिक उजाला, डेस्क : यूपी के घोसी उपचुनाव जीतने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल मची हुई है। एक तरफ सपा के लिए लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ी जीत हासिल हुई है तो वहीं भाजपा के खेमे में हार का ठिकड़ा एक दूसरे पर फोड़ने की होड़ मची हुई है।

दरअसल, घोसी में योगी और अखिलेश की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। भाजपा ने उपचुनाव में मंत्रियों की फौज उतार दी थी। बीजेपी के लिए 26 मंत्री और 60 से ज्यादा विधायक ने प्रचार किया। सीएम योगी ने भी चुनावी जनसभा की। ​​​​​BJP ने पिछड़ी जाति के वोटरों को साधने के लिए ओपी राजभर को, निषाद वोटरों को साधने के लिए संजय निषाद, कुर्मी वोटरों को साधने के लिए एके शर्मा और स्वतंत्र देव सिंह, ब्राह्मण वोटरों को साधने के लिए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मुस्लिम समाज के पसमांदा वोटरों को साधने के लिए दानिश आजाद अंसारी को घोसी के रण में उतरा गया।

योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने हार पर कहा, “घोसी उपचुनाव में भाजपा की हार के लिए दारा सिंह खुद जिम्मेदार हैं। यह उपचुनाव था और कोई भी उपचुनाव प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के नाम पर नहीं, बल्कि खुद प्रत्याशी के चेहरे पर होता है।”, “घोसी में 43 गांवों में भाजपा को जिताने की जिम्मेदारी हमारी थी, हमने 40 गांव में जीत दर्ज कराई है और 80 प्रतिशत वोट भाजपा को मिले हैं, बाकी तीन गांव में हम हारे हैं वह भी अपने ही पार्टी के नेता की वजह से। जो हमारे समाज के बीच में जाकर हमारी ही बुराई कर रहे थे।”

कुछ राजनीतिक पंडितों की माने तो प्रदेश में दारा सिंह और सुभसपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की छवि पहले के अपेक्षा काफी धूमिल हो चुकी है। इन दोनों नेताओं का दल बदलना ही इसका सबसे बड़ा कारण है। यह भी बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं को मंत्रिमण्डल में शामिल करने के लिए भाजपा ने घोसी उपचुनाव जीतने का टास्क दिया था।

वहीं RLD प्रमुख जयंत चौधरी ने कहा कि बड़ी जीत दर्ज करा कर INDIA का हौसला बढ़ाने के लिए घोसी, उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को धन्यवाद। घोसी से प्रत्याशी सुधाकर सिंह और अखिलेश यादव को बधाई।

आपको बता देंं कि इस उपचुनाव में सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह 124427 वोट मिले हैं। जबकि बीजेपी के दारा सिंह को 81668 वोट मिले। सुधाकर ने दारा सिंह को 42759 वोटों से शिकस्त दी है। यह सीट दारा सिंह चौहान के इस्तीफे देने के कारण खाली हुई थी। 2022 विधानसभा चुनाव में सपा से चुनाव लड़ रहे दारा सिंह ने 22000 वोटों से जीत दर्ज की थी।

जीत को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि ये झूठे प्रचार और जुमला जीवियों की पराजय है। ये दलबदल-घरबदल की सियासत करने वालों की हार है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *