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अयोध्या पहुंचीं राष्ट्रपति, रामलला के दर्शन किए:तमिलनाडु से लाए श्रीराम यंत्र का पूजन किया, मंदिर परिसर देखा

अयोध्या : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या के राम मंदिर पहुंची हैं। उन्होंने रामलला के दर्शन किए। दूसरे फ्लोर पर बने राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने राम मंदिर परिसर को भी देखा।

सीएम योगी ने राष्ट्रपति को मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। राष्ट्रपति करीब साढ़े 10 बजे दिल्ली से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम ने उनका स्वागत किया।

रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद राष्ट्रपति का यह दूसरा अयोध्या दौरा है। इससे पहले वह 1 मई 2024 को अयोध्या आई थीं, तब उन्होंने हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया था।

राष्ट्रपति अयोध्या में करीब 5 घंटे रुकने के बाद दोपहर 3 बजे मथुरा के लिए रवाना होंगी। मथुरा में वह इस्कॉन और प्रेम मंदिर में दर्शन करेंगी। शुक्रवार यानी 20 मार्च को प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करेंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रामलला के दर्शन किए और आरती उतारी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रामलला के दर्शन किए और आरती उतारी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उनकी नातिन आद्याश्री और नित्याश्री मंदिर पहुंची। वह भी पूजा-अर्चना करती नजर आई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उनकी नातिन आद्याश्री और नित्याश्री मंदिर पहुंची। वह भी पूजा-अर्चना करती नजर आई।

राष्ट्रपित ने राम मंदिर परिसर को देखा। सीएम योगी ने उन्हें मंदिर निर्माण के बारे में जानकारी दी।

राष्ट्रपति ने राम मंदिर परिसर को देखा। सीएम योगी ने उन्हें मंदिर निर्माण के बारे में जानकारी दी।

राष्ट्रपति के स्वागत में एयरपोर्ट से मंदिर तक 20 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 250 कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।

राष्ट्रपति के स्वागत में एयरपोर्ट से मंदिर तक 20 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 250 कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।

राम यंत्र के बारे में जानिए

राम यंत्र को कांचीपुरम (तमिलनाडु) स्थित मठ में तैयार किया गया। इसके बाद इसे कांचीपुरम से तिरुपति (आंध्र प्रदेश) लाया गया। फिर रथयात्रा के जरिए 10 दिन पहले इसे अयोध्या पहुंचाया गया। राम यंत्र का वजन 150 किलो है। इस पर सोने की परत चढ़ाई गई है।

अयोध्या के ज्योतिषाचार्य रघुनाथ दास शास्त्री ने बताया-

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राम यंत्र एक विशेष वैदिक ज्यामितीय संरचना है। इसमें भगवान श्रीराम और अन्य देवी-देवताओं की दिव्य ऊर्जा को मंत्रों और आकृतियों के माध्यम से स्थापित किया गया है। इसे अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।QuoteImage

राज्यपाल बोलीं- अयोध्या आस्था, संस्कार और विरासत की भूमि

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अयोध्या आस्था, संस्कार और विरासत की भूमि है। आज का दिन देशवासियों के लिए हमेशा यादगार रहेगा। नवरात्रि के पहले दिन राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना हो रही है। इस पावन कार्यक्रम का हिस्सा बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।

उन्होंने कहा कि आज अयोध्या वैश्विक चेतना का केंद्र बन चुकी है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आ रहे हैं। भारत ने दुनिया को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश दिया है। यह भी सिखाया है कि सत्य की हमेशा जीत होती है। इसी कारण आज दुनिया बड़े से बड़े संकट के समाधान के लिए भारत की ओर देख रही है। यह नया भारत है।

राज्यपाल ने कहा- हमें अपने देश पर गर्व है। भारत वह भूमि है, जहां शक्ति का अर्थ सृजन है और आस्था का अर्थ करुणा। जहां धर्म का सार समाज को जोड़ना है।

सीएम योगी बोले- देश में आज राम राज्य

योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा- देश में आज राम राज्य है। दुनिया के तमाम देशों में आज उथल-पुथल मची हुई है। युद्ध चल रहा है। जबकि भारत में शांति है। हम यहां शान्तिपूर्वक श्रीराम यंत्र की स्थापना कर रहे हैं। ये नया और बदलता हुआ भारत है।

उन्होंने कहा- लोग पहले कहते थे ये दिगभम्रित भारत है, लेकिन ऐसा नहीं है। भारत आज दुनिया के तमाम देशों को दिशा दिखाने का काम कर रहा है। आज लोग नया साल मनाने के लिए बाहर कम मंदिरों में अधिक जाते हैं। राम मंदिर निर्माण में जिन राम भक्तों ने अपनी आहुति दी है। उनको मैं यहां से नमन करना हूं।

उन्होंने कहा- जिस आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था। अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो यूपी या देश की सत्ता में रहते थे। अपनी सत्ता को बचाने के लिए वे नोएडा नहीं जाते थे, वह उनके लिए अंधविश्वास और रूढ़िवादी नहीं था। लेकिन, राम मंदिर की बात करना, काशी में काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण की बात करना और मथुरा वृंदावन की बात करना, उनके लिए अंधविश्वास का पर्याय था।

राष्ट्रपति के स्वागत में जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम

राष्ट्रपति के स्वागत के लिए एयरपोर्ट से राम मंदिर गेट तक करीब 20 सांस्कृतिक मंच लगाए गए। इनमें 250 कलाकारों ने रामायण और रामभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। छोटे मंचों पर 7-7 कलाकारों ने, जबकि बड़े मंचों पर 15 कलाकारों ने प्रस्तुति दी।

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