- बड़ौत में केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि किसान को उसकी मेहनत की पूरी कीमत मिलेगी, तभी देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। खेती में तकनीक, एआई और संगठन पर जोर दिया
बागपत : भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर बागपत के किशनपुर बराल में किसान सम्मान समारोह आयोजित हुआ। केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बड़ौत में कहा कि किसान को उसकी मेहनत का पूरा दाम मिलेगा, तभी गांव, गरीब और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत रहेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खेती केवल आजीविका नहीं, बल्कि देश की रीढ़ है। अगर किसान कमजोर हुआ तो राष्ट्र कमजोर होगा, और अगर खेती मजबूत रही तो देश को कोई हिला नहीं सकता।
तकनीक और एआई से जुड़नी होगी खेती
जयंत चौधरी ने कहा कि अब समय आ गया है कि किसान सिर्फ खेत तक सीमित न रहे। विज्ञान, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई सोच को खेती से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की तेज़ प्रगति के पीछे युवाओं की नई सोच है और यही सोच अब खेती में भी उतरनी चाहिए।
चौधरी अजित सिंह को किया याद
जयंत चौधरी ने चौधरी अजित सिंह को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद किसानों के अधिकारों की बड़ी लड़ाई लड़ी। उनकी स्मृति में इंटर कॉलेज में पुस्तकालय का उद्घाटन इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा ही किसान और समाज का सबसे बड़ा हथियार है।
एक फसल पर निर्भरता खतरनाक
किसानों को चेताते हुए उन्होंने कहा कि इस बार गन्ने की पैदावार कमजोर नजर आ रही है। किसानों को अब एक ही फसल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। बागवानी, फल, सब्जी, मसाले और वैकल्पिक फसलों में भविष्य की बड़ी संभावनाएं हैं।
छोटे किसान कृषि की असली ताकत
जयंत चौधरी ने कहा कि छोटे और सीमांत किसान भारतीय कृषि की असली ताकत हैं। इन्हें संगठित करने के लिए एफपीओ जैसी योजनाएं लाई गई हैं, ताकि किसान मिलकर अपनी फसल का सही मूल्य तय कर सकें।
योजनाएं कागजों में नहीं, खेतों तक पहुंचें
उन्होंने कहा कि कुटीर उद्योगों के लिए 2000 करोड़ रुपये का बजट और 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी है, लेकिन जानकारी के अभाव में किसान लाभ नहीं उठा पा रहे। तल्ख लहजे में उन्होंने कहा कि योजनाएं कागजों में नहीं, सीधे खेतों तक पहुंचनी चाहिए। गांव-गांव जागरूकता शिविर लगने चाहिए।
किसानों के लिए निशुल्क तकनीकी कोर्स
जयंत चौधरी ने बताया कि खेती में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए किसानों के लिए 15 घंटे का निशुल्क कोर्स शुरू किया गया है, जिसमें आईटी विभाग और देश-विदेश की बड़ी कंपनियां जुड़ी हैं। इस कोर्स के बाद माइक्रोसॉफ्ट का प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
अंत में उन्होंने कहा कि किसान जागरूक होगा, संगठित होगा और तकनीक से जुड़ेगा, तभी खेती बचेगी। और जब खेती बचेगी, तभी देश बचेगा।

