वाराणसी : वाराणसी के यूपी कॉलेज परिसर में दिनदहाड़े बीएससी छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर ने क्लासरूम के बाहर छात्र पर 4 गोलियां चलाईं, जिससे वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। गोलियों की आवाज सुनकर जब दोस्त दौड़कर पहुंचे, तो आरोपी ने उन पर भी पिस्टल तान दी। इसके बाद वह पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया।
वारदात के बाद कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई। टीचर और छात्र मौके पर पहुंचे। घायल छात्र को आनन-फानन में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना शुक्रवार दोपहर कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के बाहर हुई।
इधर, हत्या के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कैंपस के अंदर कुर्सियां तोड़ दीं। बाहर दुकानों में भी तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कॉलेज के गेट बंद कर दिए। आसपास की 150 से अधिक दुकानों को बंद करा दिया।
फिलहाल परिसर में सात थानों की पुलिस फोर्स तैनात है। छात्र की मौत की सूचना मिलते ही परिवार मौके पर पहुंचा। मां लाश देखकर बेहोश हो गईं, जिन्हें परिजनों ने संभाला। साथी छात्र भी गेट के बाहर दहाड़ मारकर रोते नजर आए।
मृतक की पहचान गाजीपुर के रहने वाले 23 साल के सूर्य प्रताप सिंह के रूप में हुई है। वह घर का इकलौता बेटा था। 20 दिन पहले उसे चेचक निकल आई थी, जिस कारण वह कॉलेज नहीं आ रहा था। ठीक होने के बाद वह आज ही कॉलेज पहुंचा था। वहीं, आरोपी मंजीत बीए सेकेंड ईयर का छात्र बताया जा रहा है और वाराणसी के चांदमारी इलाके का रहने वाला है। वारदात की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।

वारदात की सूचना पर पहुंची मां बेटे की लाश देखकर बेहोश हो गईं। परिवार वालों ने उन्हें संभाला।


हत्या के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कैंपस के अंदर कुर्सियां तोड़ दीं। बाहर दुकानों में भी तोड़फोड़ की

वारदात के बाद हमलावर पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया।

वारदात के बाद 5 थानों की फोर्स कॉलेज में तैनात है। आक्रोशित छात्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने कॉलेज के गेट को बंद कर दिया है।
आरोपी मंजीत बीए सेकेंड ईयर का छात्र

आरोपी मंजीत बीए सेकेंड ईयर का छात्र बताया जा रहा है और वाराणसी के चांदमारी इलाके का रहने वाला है।
यूपी कॉलेज के छात्र धरने पर बैठे
यूपी कॉलेज के बाहर छात्र धरने पर बैठ गए हैं। छात्र प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
डीआईजी शिवहरी मीणा की छात्र से हॉट-टॉक
डीआईजी शिवहरी मीणा की छात्र से हॉट-टॉक हो गई। डीआईजी ने छात्रों से कहा- शांति से बैठ जाओ, ये कोई तरीका नहीं है। इतने में एक छात्र ने कहा- दिनभर हम यहां धूप में बैठे हैं।
इस पर डीआईजी ने जवाब दिया। मैं भी तो धूप में ही खड़ा हूं, मैंने तो कुछ नहीं किया। मेरी बात सुनो, फालतू की बात कर रहे हो। इसके बाद साथी छात्रों ने युवक को वहां से हटा दिया।
घर का इकलौता बेटा था छात्र

मृतक छात्र की पहचान 23 साल सूर्य प्रताप सिंह के रूप में हुई है। वह गाजीपुर का रहने वाला था और घर का इकलौता बेटा था। पिता ऋषि देव सिंह अतुलानंद स्कूल में गाड़ी चलाते हैं। मां किरण सिंह अतुलानंद में सहायिका हैं।
छात्र की दो बहनें हैं। एक की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी अविवाहित है। करीब 20 दिन पहले छात्र को चेचक निकल आई थी, जिस वजह से वह कॉलेज नहीं आ रहा था। आज ठीक होने के बाद ही वह कॉलेज पहुंचा था।
दोस्त बोला- हम क्लास में थे, तभी ऐसा लगा जैसे बम फटा हो
युवक के साथी सर्वेश पांडेय ने बताया- हम लोग क्लास में थे कि बम फूटने की आवाज आई। एक बार फूटा फिर फिर दूसरी बार आवाज आई। हम लोगों को लगा कोई बदतमीजी कर रहा है। हम लोग बाहर आकर देखे तो मंजीत नाम का लड़का गोली चला रहा था।
मैं अपने दोस्त को बचाने के लिए दौड़ा तो उसने मेरे ऊपर भी बंदूक तान दी। मैं वहां से भागा फिर दोबारा उसे बचाने के लिए दौड़ा तो आरोपी मंजीत भाग गया। उसके साथ एक-दो लोग और थे। उसने करीब 4 राउंड फायरिंग की।

