- PM Modi का वाराणसी दौरा ऐतिहासिक रहा
- अपने संसदीय क्षेत्र में उन्होंने 2,200 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
वाराणसी: इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने देशभर के 9.7 करोड़ किसानों को ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ योजना की 20वीं किस्त के रूप में 20,500 करोड़ रुपये जारी किए। इस दौरे की खास बात रही कि मोदी ने अपने संबोधन में “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता को बाबा विश्वनाथ के चरणों में समर्पित किया और काशी की जनता को “अपने मालिक” की संज्ञा दी।
विकास की नई राह: 2,200 करोड़ की 52 परियोजनाएं
प्रधानमंत्री ने वाराणसी के सेवापुरी ब्लाक स्थित ग्राम सभा बनौली में आयोजित भव्य जनसभा में 2,200 करोड़ रुपये की लागत वाली 52 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, जलापूर्ति, सड़कों, शहरी विकास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हैं। विशेष रूप से दालमंडी प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गई, जिससे काशी विश्वनाथ मंदिर तक एक नया वैकल्पिक मार्ग बनेगा। जनसभा स्थल पर 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। बारिश के बावजूद हजारों की संख्या में लोग, खासकर छात्र-छात्राएं, पीएम को सुनने पहुंचे।

पीएम किसान योजना की 20वीं किस्त
मोदी ने ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ योजना की 20वीं किस्त भी जारी की। इस बार करीब 9.7 करोड़ किसानों को 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, “देश का अन्नदाता सशक्त हो, यही मेरा संकल्प है। ये सहायता राशि किसान भाइयों और बहनों के परिश्रम की मान्यता है।”
ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र और काशी के प्रति श्रद्धा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में हाल ही में हुए “ऑपरेशन सिंदूर” की चर्चा करते हुए कहा कि “काशी के मेरे मालिकों… जब 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष लोगों की हत्या हुई, तब मैंने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की थी। मैंने वचन दिया था कि बेटियों के सिंदूर का बदला लिया जाएगा। आज वह वचन महादेव के आशीर्वाद से पूरा हुआ है।” उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता को वे बाबा विश्वनाथ के चरणों में समर्पित करते हैं। उनके इस वक्तव्य पर जनसभा में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।
सीएम योगी का स्वागत और भाषण
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री जी की अगुवाई में देश का नया भारत आतंकियों को उन्हीं की धरती पर जवाब दे रहा है। ऑपरेशन सिंदूर इसकी मिसाल है।”मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा न केवल विकास कार्यों की दृष्टि से ऐतिहासिक है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों को भी एक नई दिशा देता है।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम और विपक्ष पर नजर
सभा स्थल पर काले कपड़े पहनकर आने वालों की जांच की गई। कुछ लोगों को बाहर भेजा गया। इस बीच सपा नेता अजय फौजी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उन्हें घर से हिरासत में लिया गया है। बाबा साहब अम्बेडकर वाहिनी के जिलाध्यक्ष जितेंद्र यादव मलिक को रामनगर पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। विपक्षी दलों द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री ने कोई सीधा उत्तर नहीं दिया, लेकिन सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।
तीसरे कार्यकाल का तीसरा दौरा, कुल मिलाकर 51वां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा प्रधानमंत्री बनने के बाद वाराणसी का 51वां दौरा था और उनके तीसरे कार्यकाल का तीसरा। इससे यह स्पष्ट होता है कि मोदी अपनी कर्मभूमि काशी को कितनी प्राथमिकता देते हैं। उनके शासनकाल में श्री काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास, गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण, फ्लाईओवर, रिंग रोड और कई स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स वाराणसी की पहचान बन चुके हैं।
दालमंडी प्रोजेक्ट: सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
प्रधानमंत्री द्वारा जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, उनमें “दालमंडी पुनर्विकास योजना” प्रमुख है। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुगमता मिलेगी, बल्कि काशी की प्राचीन गलियों और बाजारों को नया जीवन भी मिलेगा। यह परियोजना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री के इस दौरे से यह संदेश स्पष्ट है कि केंद्र सरकार देश के विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा, किसानों की भलाई और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काशी को भारत का सांस्कृतिक मॉडल और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

