- निलंबन के बाद बाबरी मस्जिद बनाने की वकालत करने वाले विधायक हुमायूं कबीर ने सीएम ममता बनर्जी पर हमला बोल दिया है
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधायक हुमायूं कबीर को लेकर सियासत गर्म हो गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि मुर्शिदाबाद की भरतपुर सीट से विधायक हुमायूं कबीर, बाबरी मस्जिद बनाने को लेकर दिए गए अपने बयान पर अड़े हुए हैं और अब इसको लेकर सीएम ममता बनर्जी ने कार्रवाई की है। तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर को सस्पेंड कर दिया है। इसके बाद, हुमायूं कबीर भी मीडिया के सामने आए और सीधे ममता बनर्जी पर जुबानी हमला बोल दिया। उन्होंने दावा किया है कि ममता बनर्जी RSS का काम कर रही हैं। हुमायूं कबीर ने ये भी पूछा कि मैं 12-13 साल से पार्टी में था। पार्टी की इतनी सेवा की, इसके बावजूद उनपर क्यों एक्शन हुआ।
हुमायूं कबीर ने उठाया इमामों के कम भत्ते का मुद्दा
तृणमूल कांग्रेस से सस्पेंड होने के बाद विधायक हुमायूं कबीर ने कहा, ” जब वो पहली बार सत्ता में आईं, तो उन्हें 182 सीटें मिली थीं। तब मुझे उनकी जरूरत थी। फिर मुझे पार्टी में शामिल किया गया। मैंने पार्टी के लिए फिर कई पदों पर रहकर काम किया। मेरे साथ 12-13 साल तक ऐसा क्यों किया गया? मुझे पार्टी में क्यों शामिल किया गया था? आज, मुख्यमंत्री लोगों से चंदा लेकर जगन्नाथ मंदिर बनवाती हैं और दुर्गा पूजा के लिए चंदा देती हैं। उधर, मुस्लिम इमामों को 3 हजार रुपये भत्ता दिया जाता है। और अगर सभी भत्तों को जोड़ लें तो उन्हें महज 54 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। जबकि दुर्गा पूजा की समितियों को हर साल 1 लाख 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। ऐसे तो वो आरएसएस का काम कर रही हैं।”
हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद बनाने का किया है ऐलान
जान लें कि हाल में विधायक हुमायूं कबीर ने ऐलान किया था कि वह मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जरूर बनवाएंगे। चाहे इसके लिए उनको तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा ही क्यों ना देना पड़ जाए। बाद में इस मुद्दे को पश्चिम बंगाल में विपक्षी पार्टी बीजेपी ने लपक लिया और सीएम ममता बनर्जी व उनकी पार्टी को घेर लिया।
ममता की पार्टी ने हुमायूं कबीर के बयान से झाड़ा पल्ला
दूसरी तरफ, टीएमसी ने अपनी ही विधायक हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद को लेकर दिए गए बयान से किनारा कर लिया है। पार्टी ने उन्हें इसका निजी बयान बताया है और पार्टी से सस्पेंड कर दिया है।

