नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में देश के नामचीन पहलवान एक महीने से धरने पर हैं। पहले वे जंतर मंतर पर थे, लेकिन नए संसद भवन के उद्घाटन वाले दिन 28 मई को उन्हें वहां से हटा दिया गया। पहलवान शुरू से ही मेडल की दुहाई देते रहे हैं। कहते हैं रहे हैं कि आखिर ऐसे मेडल का क्या फायदा जहां उसकी कदर ही नहीं है। अब उन्होंने ऐलान किया कि आज शाम 6 बजे हरिद्वार में वे अपने मेडल गंगा में बहा देंगे। उन्होंने ट्वीट में लिखा- ‘मेडल हमारी जान है, हमारी आत्मा है। इनके गंगा में बह जाने के बाद हमारे जीने का कोई भी मतलब नहीं रह जाएगा। इसलिए हम इंडिया गेट पर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे’।
ये पहलवान करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन रविवार (28 मई) को विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, संगीता फोगाट, साक्षी मलिक और कई अन्य को दिल्ली पुलिस ने उस वक्त हिरासत में ले लिया था जब वे महिला महापंचायत के लिए नए संसद भवन की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों का सामान भी हटा दिया।
विनेश फोगाट ने आगे कहा- ‘इंडिया गेट उन शहीदों की जगह है, जिन्होंने देश के लिए अपने देह त्याग दिए। हम उनके जितने पवित्र तो नहीं हैं, लेकिन इंटरनेशनल लेवल पर खेलते वक्त हमारी भावना भी उन सैनिकों जैसी ही होती थी। अपवित्र तंत्र अपना काम कर रहा है और हम अपना काम कर रहे हैं। अब लोगों को समझना होगा कि वह अपनी इन बेटियों के साथ खड़ें हैं या इन बेटियों का उत्पीड़न करने वाले उस तेज सफेदी वाले तंत्र के साथ। आज शाम छह बजे हम हरिद्वार में अपने मेडल गंगा में प्रवाहित कर देंगे’।
मां गंगा ही है इन मेडलों को रखने की सही जगह
विनेश फोगाट ने कहा कि हम इन मेडलों को गंगा में इसलिए बहाने जा रहे हैं, क्योंकि वह गंगा मां हैं। जितना पवित्र हम गंगा को मानते हैं, उतनी ही पवित्रता से हमने मेहनत कर इन मेडलों को हासिल किया था। ये मेडल सारे देश के लिए ही पवित्र हैं। पवित्र मेडल को रखने की सही जगह पवित्र मां गंगा ही हो सकती है, न कि हमें मुखौटा बना फायदा लेने के बाद हमारे उत्पीड़क के साथ खड़ा हो जाने वाला हमारा अपवित्र तंत्र।

