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Wed. Mar 4th, 2026

गणतंत्र दिवस- राष्ट्रपति मुर्मू ने तिरंगा फहराया:21 तोपों की सलामी हुई; PM मोदी ने वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली : देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्र ध्वज फहराया। इस दौरान राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी हुई। इसके बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।

गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन हैं।

कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड थोड़ी देर में शुरू होगी। समारोह लगभग 90 मिनट तक चलेगा। इस बार मुख्य परेड की थीम वंदेमातरम् पर रखी गई है।

परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी, जो ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित होंगी।

पीएम मोदी का लुक- नेवी ब्लू कुर्ता, स्काय ब्लू जैकेट, हरी-पीली-लाल पगड़ी

पीएम मोदी का गणतंत्र दिवस के लिए इस बार का लुक वायु सेना और नौसेना को समर्पित नजर आया। पीएम ने व्हाइट चूड़ीदार पजामा, नेवी ब्लू कुर्ता, स्काय ब्लू जैकेट, हरी-पीली-लाल पगड़ी पहनी। पगड़ी पर सुनहरी जरी से मोर पंख बने हुए हैं।

पीएम मोदी वॉर मेमोरियल पहुंचे, शहीदों को पुष्पांजलि दी

पीएम मोदी नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंच गए हैं। जहां उन्होंने शहीदों को पुष्पांजलि दी। इसके साथ ही समारोह की शुरुआत होगी।

यह स्मारक 26 हजार 621 वीरों की शहादत की याद में बनाया गया है।

पीएम ने यहां शहीदों को सैल्यूट किया। दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद वे मुख्य सलामी मंच की तरफ रवाना हुए।

वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी मौजूद

भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी इस समारोह में मौजूद हैं। उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा।

पीएम मोदी ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं

पीएम मोदी ने X पर देश को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा-

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गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।यह अवसर विकसित भारत बनाने के हमारे सामूहिक संकल्प में नई ऊर्जा और उत्साह जोड़े।QuoteImage

एक और मैसेज में उन्होंने लिखा-

गणतंत्र दिवस हमारी स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त प्रतीक है। यह पर्व हमें एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है।

पारतन्त्र्याभिभूतस्य देशस्याभ्युदयः कुतः। अतः स्वातन्त्र्यमाप्तव्यमैक्यं स्वातन्त्र्यसाधनम्॥

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