- देवी सरस्वती को मालपुआ भी भोग में लगा सकते हैं।
- इसके अलावा सफेद मिठाई भी भोग में रख सकते हैं।
- मां सरस्वती को दूध, पंचामृत, दही, मक्खन, सफेद तिल के लड्डू भोग में चढ़ा सकते हैं।
दैनिक उजाला डेस्क : सनातन धर्म में हर माह में कुछ विशेष त्योहार मनाए जाते हैं। ऐसे ही हर साल माघ माह में ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा अर्चना के लिए बसंत पंचमी त्योहार मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, माघ माह में पड़ने वाले शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी मनाई जाती है। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, देवी सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए पूजा विधि-विधान से करनी चाहिए, वहीं भोग लगाते समय भी कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। देवी को इन चीजों का भोग जरूर लगाना चाहिए।
देवी सरस्वती को मालपुआ भी भोग में लगा सकते हैं। इसके अलावा सफेद मिठाई भी भोग में रख सकते हैं।मां सरस्वती को दूध, पंचामृत, दही, मक्खन, सफेद तिल के लड्डू भोग में चढ़ा सकते हैं।
बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को बेसन के लड्डू का भोग जरूर लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि देवी को बेसन के लड्डू का भोग लगाने से करियर के क्षेत्र में सफलता मिलती है। आय में बढ़ोतरी होती है।
देवी सरस्वती को केसर रबड़ी का भी भोग लगाया जा सकता है। इस भोग को लगाने से ज्ञान की देवी जल्द प्रसन्न होती है। पूजा करने के बाद ही सभी को भोग वितरित करना चाहिए। भोग को बनाते समय भी साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए।
माता मां सरस्वती को केसर की खीर का भोग जरूर लगाना चाहिए। केसर को शुभता और चावल को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। इस भोग को लगाने से करियर में सफलता मिलती है। देवी सरस्वती से ज्ञान और विद्या का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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