Breaking
Sat. Feb 14th, 2026

यहां एक महीने की फीस ₹59,000

मुंबई : एनिमल में बॉबी देओल के भाई बने सौरभ सचदेवा उम्दा एक्टर होने के साथ-साथ एक्टिंग कोच भी हैं। वरुण धवन, राणा दग्गुबाती, दुलकर सलमान, ऋचा चड्ढा, तृप्ति डिमरी और हर्षवर्धन राणे जैसे एक्टर्स इनके स्टूडेंट्स रह चुके हैं।

सौरभ के एक्टिंग इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेने के लिए 18 साल उम्र होनी चाहिए। यहां एक महीने की फीस 59 हजार रुपए है। दो से तीन कोर्स कराए जाते हैं। सबसे पहले फाउंडेशन कराया जाता है। फाउंडेशन के बाद एडवांस कोर्स होता है। एडवांस कोर्स पूरा करने के बाद स्टूडेंट तीसरे पड़ाव यानी ऑडिशन देने की कैटेगरी में आ जाते हैं।

रील टू रियल के इस एपिसोड में हम मुंबई के अंधेरी वेस्ट एरिया पहुंचे। यहां सौरभ सचदेवा ‘द एक्टर्स ट्रूथ’ नाम से एक्टिंग इंस्टीट्यूट चलाते हैं।

एक्टिंग सिखाने का क्या प्रोसेस होता है। एक कोर्स को करने में कितना समय लगता है। फीस किस तरह ली जाती है। यहां के स्टूडेंट्स सौरभ के बारे में क्या सोचते हैं। जानिए इन सारे पॉइंट्स के बारे में।

सौरभ ने कहा कि उनके यहां सुबह में एक बैच चलता है, जिसमें 20 कैंडिडेट्स होते हैं। यह एक प्राइमरी बैच होता है, इसमें शामिल होने वाले सभी लोग बिल्कुल नए होते हैं। इसे फाउंडेशन कोर्स कहते हैं। इसके बाद दोपहर में एक बैच चलता है। दोपहर वाले बैच में वे लोग शामिल होते हैं, जो पहला पड़ाव पार कर चुके हैं। इसे एडवांस कोर्स कहते हैं।

एक महीने तक इनकी कोचिंग होती है। इसके बाद ये थर्ड लेवल पर जाते हैं। थर्ड लेवल पर यह सिखाया जाता है कि ऑडिशन कैसे देते हैं, कैमरा को फेस कैसे करना है। सौरभ अपने सामने सबका ऑडिशन लेते हैं। उनसे फीडबैक मिलने के बाद ही वो आगे फिल्मों के लिए ऑडिशन दे पाते हैं।

एक महीने की फीस 59 हजार रुपए
यहां एक महीने की फीस 59 हजार रुपए है। मिनिमम एक महीने का कोर्स होता है। अगर कोई स्टूडेंट एक महीने से ज्यादा सीखना चाहता है तो उसे 9 महीने का कोर्स करना पड़ेगा। इसके लिए अलग फीस लगती है। सौरभ ने कहा कि वो इस साल कुछ नए कोर्स को ऐड करने के बाद अपनी फीस बढ़ाने वाले हैं।

सौरभ सचदेवा की वर्कशॉप में हमने देखा कि कैंडिडेट्स को कुछ गेम खिलाए जा रहे हैं। इससे उनकी बॉडी काफी ज्यादा हिल रही थी। सौरभ ने कहा, ‘आप स्क्रीन पर देखते होंगे कि बहुत सारे एक्टर्स का बॉडी मूवमेंट बहुत बेहतरीन होता है। उनकी बॉडी में एक लचक होती है, जो पर्दे पर देखने में काफी अच्छी लगती है। बॉडी में मूवमेंट रहे, इसके लिए हम यह गेम खिलाते हैं।’

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *