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जीएलए बीटेक मैकेनिकल के छात्रों ने किया एनआइएसई का भ्रमण

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (एनआइएसई), गुरूग्राम का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने यहां विभिन्न सेटअप के साथ सौर ऊर्जा के व्यावहारिक उपयोगों को देखा। विभिन्न उपकरणों के व्यावहारिक कामकाज को सीखने के साथ-साथ अपनी शंकाओं को भी दूर किया।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोलर एनर्जी मिनिस्ट्री ऑफ़ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी एमएनआरई की एक स्वायत्त संस्था है, जो कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में लोगों को किफायती दर पर बेहतर सोलर उपकरण उपलब्ध करा रही है। एनआइएसई की इन्हीं बेहतर व्यवस्थाओं को देखने, जानने, परखने और सोलर उपकरणों के बारे में कुछ सीखने के लिए जीएलए मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 35 से अधिक विद्यार्थियों ने विजिट किया।

विद्यार्थियों के विजिट के दौरान एनआइएसई के निदेशक डॉ. जय प्रकाश सिंह, उपनिदेशक डॉ. विक्रांत शर्मा और वैज्ञानिक राहुल राहुल पचौरी ने छात्रों और संकाय सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हम सभी जानते हैं कि सौर ऊर्जा हमारे देश के ऊर्जा संकट को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। क्योंकि यह ऊर्जा का एक स्वच्छ रूप है। केंद्र ने छोटे और बड़े आकार के सौर तापीय और बाहरी परीक्षण सुविधाओं के लिए पूरी तरह से एक परीक्षण सुविधा विकसित की है। उन्होंने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी (एमएनआरई) की एक स्वायत्त संस्था सौर ऊर्जा के क्षेत्र में शीर्ष राष्ट्रीय आर एंड डी संस्था है।

विद्यार्थियों ने सभी सौर अनुसंधान स्थलों का दौरा किया, जिसमें सौर तापीय ऊर्जा, सौर पीवी बैड और हाइड्रोजन ईंधन स्टेशन शामिल हैं। एनआइएसई में यह यात्रा जीएलए विश्वविद्यालय और एनआइएसई के बीच एमओयू के तहत योजनाबद्ध थी, जिसमें विद्यार्थियों को फोटोवोल्टिक पैनलों, वॉटर हीटर, एयर कंडीशनिंग और शीतलन इकाई और थर्मल ऊर्जा भंडारण (कोल्ड स्टोरेज) की जानकारी मिली।

भ्रमण से लौटे विद्यार्थियों को विभागाध्यक्ष प्रो. पीयूष सिंघल ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस भ्रमण से विद्यार्थियों को लाभ हुआ। साथ ही उद्योग और सरकारी वित पोशित परियोजनाओं की जानकारी मिली। आने वाले समय में इसी तरह जीएलए एनआइएसई के साथ भ्रमण, प्रोजेक्ट्स तथा रिसर्च जुड़ी गतिविधयां करता रहेगा।

डीन रिसर्च प्रो. कमल शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों का उच्चस्तरीय प्लेसमेंट हो या शिक्षकों द्वारा रिसर्च से जुडी गतिविधियां हों। सभी क्षेत्रों में विश्वविद्यालय प्रगति कर रहा है। यह भ्रमण विभाग के असिस्टेंट प्रो. हरीश कुमार शर्मा और गौरव पंत के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ।

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