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महाकाल की पांचवीं सवारी:श्री राजाराम लोक ओरछा, मां बगलामुखी माता मंदिर, मां शारदा शक्तिपीठ की झांकियां भी शामिल

उज्जैन : श्रावण माह समाप्त होने के बाद श्री महाकालेश्वर भगवान की भादौ माह की सवारी सोमवार को निकली जा रही है। महाकाल मंदिर में भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन के बाद महाकाल मंदिर से पांचवीं सवारी प्रारंभ हुई, जो निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ रही है। हालांकि आज श्रावण माह में निकाली गईं सवारियों की तुलना में भक्तों की भीड़ कम है।

सवारी में भगवान महाकाल पांच स्वरूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। श्री महाकालेश्वर भगवान की पंचम सवारी में चार जनजातीय एवं लोक नृत्य कलाकारों के दल शामिल हो रहे हैं। पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, गजराज पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश और डोल रथ पर श्री होल्कर स्टेट के मुखारविंद शामिल हो रहे हैं।

श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के बाद भगवान को सशस्त्र बल की टुकड़ी सलामी देगी। उसके बाद भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। अंतिम और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकलेगी।

महाकाल की सवारी…

महाकाल की पालकी के आगे चलते हुए पुलिसकर्मी।

महाकाल की पालकी के आगे चलते हुए पुलिसकर्मी।

महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु।

महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु।

महाकाल मंदिर में भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन करते पुजारी।

महाकाल मंदिर में भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन करते पुजारी।

जनजातीय नृत्य भी होगा

इस बार सवारी में पालकी भजन मंडली के अलावा चार जनजातीय कलाकारों के दल भी प्रस्तुति देंगे। बैतूल से गौंड जनजातीय ठाट्या नृत्य, खजुराहो से कछियाई लोक नृत्य, दमोह से बधाई लोक नृत्य और डिंडोरी के गेड़ी जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी।

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