जयपुर/उदयपुर/लखनऊ/शिमला : जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मंगलवार को कई जगहों पर बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। इसमें 10 से 15 घर बह गए। डोडा में पिछले 24 घंटे के दौरान 4 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, ये मौतें किन इलाकों में हुईं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
एक अधिकारी ने बताया कि दो लोगों की मौत घर गिरने से हुई, जबकि दो की मौत लगातार बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ में हुई। राहत और बचाव का काम जारी है। जम्मू-कश्मीर में लगातार तीन दिन से रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है।
खराब मौसम के कारण वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई है। दो दिनों के लिए स्कूल बंद कर दिए हैं। कई सड़कें और रेल सेवाएं ठप हैं। जम्मू-श्रीनगर और बटोटे-किश्तवाड़ सहित कई नेशनल हाईवे भी बंद हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही रुक गई है।
इससे पहले, किश्तवाड़ जिले के चसोटी गांव में 14 अगस्त को बादल फटा था। इसमें 65 लोगों की मौत हुई थी। 200 लोग अब भी लापता हैं। बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में मचैल माता यात्रा के लिए पहुंचे कई श्रद्धालु, उनकी बसें, टेंट, लंगर और दुकानें बह गई थीं।

डोडा के भद्रवाह में मंगलवार को अचानक आई बाढ़ ने गुप्त गंगा मंदिर को अपनी चपेट में ले लिया।

डोडा के चहरवा नाला में मंगलवार को बादल फटने से पानी के साथ ढेर सारा मलबा बहकर आ गया।

डोडा में लगातार बारिश के बीच मंगलवार को चिनाब नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
जम्मू: भारी बारिश से तवी नदी उफान पर
पहलगाम में बेताब घाटी के शेषनाग नाले में पानी खतरनाक स्तर पर पहुंचा
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की प्रसिद्ध बेताब घाटी में शेषनाग नाला अपने अब तक के उच्चतम जलस्तर को पार कर गया है। अधिकारियों के अनुसार, नाले का जलस्तर 6.02 फीट तक बढ़ गया है। नाले के लिए बाढ़ की चेतावनी का स्तर 4.59 फीट है।
नाले में खतरे का निशान 5.09 फीट के ऊपर है। ऐसे में 6 फीट का जलस्तर खतरनाक माना जा रहा है। आसपास के इलाकों में तबाही की आशंका पैदा हो गई है। अधिकारियों ने पहलगाम के निवासियों, पर्यटकों और ट्रेकर्स से सावधानी बरतने और स्थिति सामान्य होने तक नदियों, नालों और निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
भारी बारिश-लैंडस्लाइड के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद
लगातार बारिश के बीच लैंडस्लाइड के कारण 250 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। लोगों को मौसम सुधरने और सड़क साफ होने तक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि रामबन जिले के चंदरकोट, केला मोड़ और बैटरी चश्मा में पहाड़ियों से पत्थर गिरने के बाद NH बंद करने का फैसला लिया गया। कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले एकमात्र बारहमासी मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
वहीं, किश्तवाड़ जिले में त्राइथ नाला के पास पैडर सड़क का एक हिस्सा बह गया, जबकि उधमपुर में रामनगर-उधमपुर सड़क और डोडा में जंगलवार-थाथरी सड़क लैंडस्लाइड के बाद बंद कर दी गई। किश्तवाड़, डोडा और राजौरी जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में लगभग एक दर्जन घरों को भी नुकसान पहुंचा है।

