सहारनपुर : सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर देवबंदी उलेमा और जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक गोरा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा- सोशल मीडिया अब समाज की ताकत बन चुका है, लेकिन अफसोस की बात है कि युवा इसका इस्तेमाल सही दिशा में नहीं कर रहे हैं।
हाल के दिनों में हुई आतंकी घटनाओं का जिक्र करते हुए मौलाना गोरा ने कहा-दिल्ली ब्लास्ट, पहलगाम और पुलवामा की घटनाओं की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि हमारा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान भारत की अमन और सलामती नहीं चाहता। उसकी नजर हमेशा हमारे देश पर टेढ़ी रही है।
सोशल मीडिया जिम्मेदारी का मंच है, मनोरंजन का नहीं
मौलाना ने कहा-आज के दौर में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का मंच है। व्हाट्सएप या किसी भी प्लेटफॉर्म पर अनजान ग्रुप में जुड़ने से पहले सोचें। हर ग्रुप का उद्देश्य सही नहीं होता। कई ग्रुप अफवाहें फैलाने और फितना (फूट) पैदा करने का जरिया बन रहे हैं। इससे देश और समाज को नुकसान होता है।
नौजवानों से अमन और इल्म का पैगाम फैलाने की अपील
मौलाना इसहाक गोरा ने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा-पड़ोसी मुल्क की नजर हमेशा भारत की अमन और सलामती पर रहती है। ऐसे में हमें सोशल मीडिया का इस्तेमाल समझदारी और सावधानी से करना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा-सोशल मीडिया को समाज सुधार, ज्ञान और अमन के संदेश के लिए इस्तेमाल करें। हमारी बातें और हमारी पोस्ट ही हमारी पहचान हैं। हमें अपने किरदार और तहरीरों से देश की अमन, सलामती और इज्जत की हिफाजत करनी चाहिए। मुल्क हम सबका है और इसकी हिफाजत भी हम सबकी जिम्मेदारी है।
‘गलत हाथों में जाए तो ताकत बन जाती है नुकसान’
मौलाना गोरा ने कहा-सोशल मीडिया एक बड़ी ताकत है, लेकिन अगर यह गलत हाथों में चली जाए तो यही ताकत नुकसान का कारण बन जाती है। हर हिंदुस्तानी को सोशल मीडिया का इस्तेमाल समझदारी, सलीके और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।

