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राजा भैया धीरेंद्र शास्त्री का हाथ पकड़कर चले:हर्षा रिछारिया भी पहुंचीं; बाबा बागेश्वर बोले- 72 हूरों के लिए डॉक्टर्स बम फोड़ रहे

मथुरा : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा का आज आठवां दिन है। मथुरा में दूसरे दिन बाहुबली राजा भैया धीरेंद्र शास्त्री का हाथ पकड़कर चलते दिखे। दोनों ने हाथ उठाकर जयकारे भी लगाए। सड़क पर बैठकर खाना खाया। इसके अलावा महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया भी पहुंची हैं।

इसी बीच धीरेंद्र शास्त्री ने कहा-

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उनके पढ़े-लिखे डॉक्टर भी बम फोड़ते हैं। बताइए, उस डॉक्टर को क्या कमी है? पैसा भी खूब था, 8 एकड़ जमीन थी, बंगला था। फिर भी वह क्या कर रहा है? क्योंकि उनकी तालीम यानी शिक्षा नीति में लिखा है कि अगर तुम ऐसा करोगे तो 72 हूरों के पास जाओगे।”QuoteImage

आज 16 किमी की पदयात्रा चलेगी। इसमें हजारों लोग शामिल हैं। करीब 2 किलोमीटर तक सड़क पर सिर्फ भीड़ ही भीड़ नजर आई। दिल्ली ब्लास्ट के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एएसपी अनुज चौधरी खुद मोर्चे पर तैनात हैं।

मथुरा में 55 किलोमीटर लंबी यात्रा चार दिन में पूरी होगी और 16 नवंबर को इसका समापन होगा। गुरुवार को दिल्ली और हरियाणा होते हुए यात्रा मथुरा बॉर्डर से यूपी में दाखिल हुई थी। प्रवेश के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “यूपी में हम ज्यादा सुरक्षित हैं। हमें डरने की जरूरत नहीं है… पता नहीं कब गाड़ी पलट जाए।”

सनातन एकता पदयात्रा में राजा भैया भी शामिल हुए।

सनातन एकता पदयात्रा में राजा भैया भी शामिल हुए।

बाहुबली राजा भैया और धीरेंद्र शास्त्री पदयात्रा के दौरान सड़क पर बैठकर खाना खाया।

बाहुबली राजा भैया और धीरेंद्र शास्त्री पदयात्रा के दौरान सड़क पर बैठकर खाना खाया।

सनातन एकता पदयात्रा में हर्षा रिछारिया भी शामिल हुई हैं।

सनातन एकता पदयात्रा में हर्षा रिछारिया भी शामिल हुई हैं।

यूपी में पदयात्रा के दूसरे दिन एक भक्त ने धीरेंद्र शास्त्री को भगत सिंह की तस्वीर भेंट की।

यूपी में पदयात्रा के दूसरे दिन एक भक्त ने धीरेंद्र शास्त्री को भगत सिंह की तस्वीर भेंट की।

धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के सुरक्षा घेरे में पदयात्रा आगे बढ़ रही है।

धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के सुरक्षा घेरे में पदयात्रा आगे बढ़ रही है।

31 किलो गंगाजल की कांवर लेकर आए भक्त

फिरोजाबाद के भक्त 31 किलो गंगाजल की कांवर लेकर यात्रा में शामिल होने जा रहे हैं। यह केवट समाज से हैं। इनका कहना है कि गुरुवार से कांवर उठाई है। इसे जब तक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को अर्पित नहीं कर देते तब तक न कुछ खाएंगे, न पानी पीएंगे।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- उनके पढ़े लिखे डॉक्टर भी बम फोड़ते हैं…क्योंकि उनकी शिक्षा नीति में

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- पूछो कि संगठन क्यों जरूरी है। उनके पढ़े लिखे डॉक्टर भी बम फोड़ते हैं। बताइए, उस डॉक्टर को क्या कमी है। पैसा भी खूब था, 8 एकड़ जमीन भी थी। बंगला था। फिर भी वो क्या कर रहा है। क्योंकि उनकी तालीम यानी शिक्षा नीति में लिखा है कि यदि तुम ऐसा करोगे तो 72 हूरों के पास जाएगा। अब वो बम फोड़कर दंगा फैलाते हैं। हम लोग क्या करते हैं 8 मर गए। अरे गिनती करते रहो। फिर वो दिन दूर नहीं जब तुम्हारा कोई चला जाएगा तो तुम पर क्या बीतेगी। किसी का तो भाई था। मैं कहता हूं सरकार जो कर रही है वो तो कर ही रही है। लेकिन अगर हम संगठित हो जाएंगे तो देश विरोधी ताकते भाग जाएंगी।

अगर संगठित रहोगे तो देश विरोधी ताकतों को भागना पड़ेगा

धीरेंद्र शास्त्री बोले- एकता जरूरी क्यों हैं। संगठन जरूरी क्यों हैं। कोसी के एक आदमी ने एक पत्थर उठाया और कुत्ते को मार दिया। कुत्ता भाग गया। लेकिन उसने मधुमक्खी पर मारा तो आदमी को भागना पड़ा। मतलब कुत्ता अकेला था तो उसे भागना पड़ा और मधुमक्खियां एकजुट थीं तो आदमी को भागना पड़ा। यदि तुम अकेले रहोगे तो तुम्हें भागना पड़ेगा और अगर तुम संगठित रहोगे तो देश विरोधी ताकतों को भागना पड़ेगा।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- अगर आप एक नहीं हुए, तो कल तुम एक नहीं बचोगे

धीरेंद्र शास्त्री बोले- अगर आप एक नहीं हुए, तो कल तुम एक नहीं बचोगे। 2012 की घटना दोबारा नहीं दोहराना चाहते हो तो एक होना पड़ेगा। धर्म-विरोधी ताकतें साजिशें कर रही हैं। जितनी दूषित यमुना जी आज हुई हैं, शायद कभी और नहीं हुई होंगी। वर्तमान में ऐसी स्थिति है कि आचमन भी नहीं कर सकते।”

“हम सब संकल्प लें कि ब्रज को उसके पुराने स्वरूप में लाएंगे, स स्वरूप के लिए वह जाना जाता है। ब्रज मांस-मदिरा मुक्त होना चाहिए। लेकिन जैसे ही आप ब्रज में प्रवेश करते हो, सामने अंग्रेजी शराब की दुकान दिखती है। क्या पीकर परिक्रमा करें? इसकी आवश्यकता क्या है, लेकिन है। अद्भुत बात है कि कोई कुछ कहता भी नहीं, और उसकी दुकान चल रही है।”

जनचेतना में इतनी ताकत होती है कि लोग जाग जाएं तो लाइसेंस वाले खुद-ब-खुद दुकान छोड़कर भाग जाएंगे। अब वो दिन दूर नहीं, जब बांके बिहारी की गली में शराब बिकेगी। एक रास्ता है, आप गांव-गांव जनचौपाल लगाएं, एक मत होकर मांग करें। एक दिन जाएं..दुकान से कहो…चाहे अमेरिकन, रशियन या पाकिस्तान वाली बेच लो, लेकिन ब्रज परिक्षेत्र छोड़ दो।

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