Breaking
Sat. Feb 14th, 2026

20 नवंबर को गांधी मैदान में शपथ लेंगे नीतीश कुमार:BJP-JDU से 16-16 मंत्री बनेंगे; PM समेत कई राज्यों के CM होंगे शामिल

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भाजपा-जदयू के मंत्रियों की संख्या लगभग बराबर 16-16 होगी। लोजपा (आर) से 2, हम और रालोमो से 1-1 मंत्री होंगे।

आज सोमवार सुबह 11.30 बजे नीतीश सरकार की मौजूदा कैबिनेट की आखिरी बैठक है, जिसमें विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा देंगे। इसके साथ ही वे नई सरकार बनाने का दावा भी पेश करेंगे।

20 नवंबर को गांधी मैदान में नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। गांधी मैदान में इसकी तैयारी चल रही है। शपथ ग्रहण में पीएम नरेंद्र मोदी भी रहेंगे।

मुख्यमंत्री आवास पर JDU विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक भी बुलाई गई है। जिसमें शामिल होने के लिए सभी विधायक सीएम हाउस पहुंचेंगे।

नतीजों के बाद से CM आवास पर नेताओं का आना-जाना लगा है

रविवार को केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और जीत की बधाई दी।

रविवार को केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और जीत की बधाई दी।

सीएम नीतीश से मिलकर बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने जीत की बधाई दी।

सीएम नीतीश से मिलकर बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने जीत की बधाई दी।

दिल्ली में बैठक, पटना में सीएम से नेताओं ने की मुलाकात

इधर, पटना से दिल्ली तक सरकार के गठन की कवायद चली। दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की बैठक हुई। मसला, बिहार में सरकार का गठन, कैबिनेट का स्वरूप और उसके चेहरे का रहा।

दूसरी तरफ पटना में भाजपा नेता मुख्यमंत्री से मिले। लोजपा (आर), हम और रालोमो के नेताओं से भी बातचीत हुई। एनडीए के घटक दल (जदयू, भाजपा, लोजपा आर, हम, रालोमो) पहले अपने-अपने विधायक दल नेता चुनेंगे, फिर एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक में नीतीश को नेता चुना जाएगा। यह सब मंगलवार को होगा।

फिर नीतीश सरकार बनाने का दावा करेंगे। इसके बाद नीतीश कुमार नए सीएम के रूप में शपथ लेंगे। यह 10वां मौका होगा, जब वे सीएम पद की शपथ लेंगे। यह रिकॉर्ड है।

कुल 36 मंत्री बन सकते हैं

शपथ ग्रहण कितने मंत्रियों का होगा, इसको लेकर फिलहाल दो तरह की बातें सामने आ रही हैं। एक यह कि मुख्यमंत्री के रूप में सिर्फ नीतीश शपथ लेंगे। दूसरी लाइन यह है कि मुख्यमंत्री, 2 उप मुख्यमंत्री और 20 मंत्री शपथ लेंगे।

बिहार में सीएम सहित कुल 36 मंत्री बन सकते हैं। जदयू से सीएम सहित 16 और भाजपा से 2 डिप्टी सीएम सहित 16 मंत्री बनने की बात है। चर्चा यह भी है कि लोजपा (आर) से डिप्टी सीएम बन सकता है। लोजपा (आर) से 2, हम-रालोमो से 1-1 मंत्री होंगे।

चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद आचार संहिता खत्म

चुनाव आयोग ने बिहार में चुनाव आचार संहिता समाप्त होने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजीयाल रविवार को राजभवन पहुंचे और 243 नवनिर्वाचित विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंपी। इस दौरान उन्होंने कहा कि, अब बिहार में चुनाव आचार संहिता खत्म हो गई है और सरकार गठन की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू हो सकती है।

गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है।

गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है।

17 से 20 नवंबर तक गांधी मैदान में लोगों के लिए एंट्री बंद

पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री, केंद्र सरकार के कई मंत्री समेत एनडीए के कई बड़े नेता शामिल हाेंगे।

जिला प्रशासन ने 17 से 20 नवंबर तक गांधी मैदान में आम लोगों की एंट्री बंद कर दी है। 3 स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। गांधी मैदान के चाराें ओर करीब 500 जवानों काे लगाया जाएगा। इसमें केंद्रीय बलों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी।

बिहार विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

NDA की प्रचंड जीत, महागठबंधन 35 पर सिमटा

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को बड़ी जीत मिली। गठबंधन के खाते में 202 सीटें आईं। इतनी बड़ी जीत की उम्मीद शायद एनडीए को भी नहीं होगी। घटक दलों के तमाम बड़े नेता प्रचंड बहुमत या 160-65 सीटों को जीतने की बात कर रहे थे।

तमाम एग्जिट पोल भी 200 पार के आंकड़े तक नहीं पहुंचे। लेकिन जनता ने एनडीए को 200 के पार पहुंचा दिया। महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया। राजद का ‘MY’ (मुस्लिम-यादव) समीकरण दरक गया। खासकर सीमांचल के मुसलमानों ने राजद से ज्यादा AIMIM पर भरोसा किया।

‘जनसुराज’ की हवा निकल गई। उसके 99 प्रतिशत प्रत्याशियों के जमानत जब्त हो गई। रिजल्ट, कमोबेश 2010 के विधानसभा चुनाव जैसा रहा। फर्क यही कि तब जदयू सबसे बड़ी पार्टी थी। उसने 115 सीटें जीती थी। 91 सीटें जीतकर भाजपा दूसरे नंबर पर थी। अबकी बार भाजपा सबसे बड़ी पार्टी रही। दूसरे नंबर पर जदयू है।

इस बार की तरह तब भी जदयू-भाजपा साथ मिलकर लड़ी थी। जदयू ज्यादा सीटें लड़ी थी। अबकी जदयू और भाजपा बराबर सीटों (101-101) पर लड़ी। चिराग, मांझी और कुशवाहा का प्रदर्शन भी अच्छा रहा।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *