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नई कर व्यवस्था से लेकर इनकम टैक्स स्लैब में हुए ये बदलाव, जेब पर बढ़ेगा बोझ

नई दिल्ली : एक अप्रैल से नए फाइनेंस ईयर 2023-24 की शुरुआत हो गई है। आज से रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई नियमों में बदलाव हुआ है। जो आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालेंगे। नए टैक्स स्लैब से लेकर टैक्स लिमिट बढ़ने तक और डेट म्यूचुअल फंड पर कोई एलटीसीजी टैक्स बेनेफिट्स जैसे कई प्रमुख बदलाव होंगे। इसके अलावा कारों के दाम बढ़ने वाले हैं। सोने की बिक्री के हॉलमार्क अनिवार्य हो गया है। वहीं, ई-गोल्ड पर भी टैक्स नहीं लगेगा। हम आपको यहां बताने जा रहे हैं कि कौन-कौन से वो नियम हैं जिनमें बदलाव हो रहे है।

  • 1 अप्रैल 2023 से सोने की ज्वेलरी और संबंधित वस्तुओं पर हॉलमार्किंग अनिवार्य हो गई है। आज से केवल 6 डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग ही मान्य होंगे। यानी 31 मार्च 2023 के बाद चार अंकों के हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन वाले आभूषणों की बिक्री नहीं की जा सकती है।
  • न्यू रिजीम के तहत टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 7 लाख कर दी गई है। इससे पहले यह छूट 5 लाख रुपए तक की थी। अब 7 लाख रुपये तक की कमाई टैक्स फ्री हो गई है। इसके अलावा न्यू रिजीम के तहत 15.5 लाख रुपये या उससे अधिक आय वाले प्रत्येक वेतनभोगी व्यक्ति को 52,500 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी दिया जाए।
  • आज से सड़क यात्राएं महंगी हो गई है। पूरे देश में राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स बढ़ाई जा रही है। हालाकि, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के लिए संशोधन पहले ही किए जा चुके हैं। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के अधिकारियों ने कहा कि देश का पहला एक्सेस.नियंत्रित राजमार्ग अब 1 अप्रैल से उपयोगकर्ताओं से 18 प्रतिशत अधिक टोल टैक्स वसूल करेगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी सफर महंगा हो जाएगा। एनएचएआई ने टोल की दरों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है।
  • अब 5 लाख रुपये से ज्‍यादा की प्रीमियम वाली जीवन बीमा पॉलिसी से मिला रिटर्न अब टैक्‍स के दायरे में आएगा। अभी तक मेच्‍योरिटी पर यह पूरा पैसा टैक्‍स फ्री रहता था।
  • भारत स्टेज-2 के लागू होने के साथ ही ऑटोमोबाइल कंपनियों की लागत बढ़ने वाली है। आज से कई कंपनियां जैसे टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, मर्सिडीज.बेंज, बीएमडब्ल्यू, टोयोटा और ऑडी की गाड़ियों की कीमत में बढ़त होने जा रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अलग-अलग कंपनी की कारें 50,000 रुपये तक का महंगी हो सकती हैं।
  • सभी म्‍यूचुअल फंड निवेशकों के लिए आज से नॉमिनेशन आवश्यक कर दिया गया है। इसके साथ ही अगर आप शेयर मार्केट में पैसे निवेश करते हैं तो डीमैट खाताधारकों को नॉमिनेशन दर्ज करना आवश्यक है। ऐसा न करने की स्थिति में अकाउंट होल्डर्स के खाते को फ्रीज कर दिया जाएगां। इसके बाद केवल डिटेल जमा करने के बाद ही उसे दोबारा चालू किया जाएगा। सेबी के सर्कुलर के मुताबिक डीमैट और ट्रेडिंग खाते के में नॉमिनी को ऐड करना आवश्यक है।

यूपीआई से लेन-देन महंगा

1 अप्रैल 2023 से यूपीआई से लेन-देन भी महंगा हो सकता है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने यूपीआई से मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स फीस लागू करने को कहा है। इसके सर्कुलर के मुताबिक 2000 रुपये से अधिक की राशि के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगेगा।

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