- बल्ब लाने के बहाने घर से निकला था
मेरठ : मेरठ में सुहागरात पर लापता हुआ दूल्हा हरिद्वार में मिल गया। 27 नवंबर को मोहसिन दुल्हन को विदा कराकर घर लाया। सुहागरात से पहले पत्नी की डिमांड पर वह बल्ब लेने घर से बाजार गया था, लेकिन फिर नहीं लौटा।
नई दुल्हन सुहाग की सेज पर पति के आने का इंतजार करती रही। अगले दिन दूल्हे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मोहसिन की लोकेशन हरिद्वार में मिली। मेरठ पुलिस मोहसिन के पिता और ससुराल वालों को लेकर हरिद्वार पहुंची। वहां से उसे लेकर देर शाम घर ले कर आए।
मोहसिन ने पूछताछ में बताया कि सुहागरात में मैं नर्वस हो गया था। मैं इतना डिप्रेशन में चला गया कि घर से बाहर निकल आया। फिर मैं हरिद्वार पहुंच गया। मोहसिन के घर लौटने के बाद मां ने बेटे को गले लगा लिया।

मोहसिन सुहागरात से पहले हल्की रोशनी वाला बल्ब लेने बाजार गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा था।
पुलिस ने उसका मोहसिन का मोबाइल नंबर ट्रेस किया, तो लोकेशन हरिद्वार में मिली। इसके बाद एक टीम आनन-फानन में हरिद्वार भेजी गई। वहां मोहसिन टहलता हुआ दिखाई दिया।
26 नवंबर को मोहसिन उर्फ मोनू का निकाह था। वह बारात लेकर सरधना से मुजफ्फरनगर के खतौली गया था। रात में निकाह की रस्में हुईं। 27 नवंबर को मोहसिन अपनी दुल्हन की विदाई कराकर घर लाया।
घरवालों ने बताया- सुहागरात से पहले वह बल्ब लेने घर से निकला। फिर नहीं लौटा। नई दुल्हन सुहाग की सेज पर पति के आने की राह देखती रही। दूसरे दिन परिवार ने उसकी मिसिंग कंप्लेन भी फाइल कराई।
पुलिस ने जांच शुरू की तो गंगनहर के पास सीसीटीवी में मोहसिन नजर आया। पुलिस को एक बार शक हुआ कि मोहसिन ने कहीं गंगनहर में कूदकर जान तो नहीं दे दी। हालांकि, पुलिस उसे तलाशती रही, लेकिन 3 तीनों तक उसका सुराग नहीं मिला।
मां ने कहा था- बिना भाई के दो बेटियां विदा हुईं
मोहसिन की मां फरीदा ने बताया था कि बहू को विदा कराकर हम घर लाए थे। रात में मेरा बेटा मोहसिन और बहू कमरे में सोने चले गए। कमरे के अंदर बहू ने दूध का ग्लास बेटे को दिया। फिर बहू बोली कि कमरे में रोशनी बहुत ज्यादा है।
कोई छोटा बल्ब बाजार से लाकर लगा दो। बेटा रात 12 बजे घर से बल्ब लेने निकला था। फिर नहीं लौटा। मैं यहीं सोफे पर सो रही थी। मेरा बेटा किसी से कुछ भी कहकर नहीं गया। दूसरे दिन दो बहनों का निकाह था। वो बिना भाई के विदा हुईं।
सारा काम मोहसिन ही करता था। वो तो कभी कहीं नहीं गया। केवल काम पर जाना और घर आना ही उसकी आदत थी। अपनी शादी की सारी तैयारी भी मोहसिन ने ही की थी। दूसरे दिन हमने बहू को वापस भेज दिया। क्योंकि बेटे के जाने के बाद बहू का भी मन नहीं लग रहा था। इसीलिए बहू को उसके मायके भेज दिया।
पिता ने कहा था- बेटा अपनी शादी से बहुत खुश था
मोहसिन के पिता सईद ठेकेदार हैं। सईद के 9 बच्चे हैं। इसमें 7 बेटियां और 2 बेटे हैं। मोहसिन सबसे छोटा है। सईद ने बताया था- समझ नहीं आ रहा बच्चा कहां चला गया। हमने तो बहुत खुशी से उसका निकाह किया था।
निकाह दोनों परिवारों की रजामंदी से हुआ था। लड़का-लड़की भी खुश थे। दोनों की सगाई के बाद से बातचीत भी हो रही थी। पता नहीं उस दिन ऐसा क्या हो गया। बहू भी परेशान है। कुछ नहीं बता पा रही। उसने उससे सिर्फ ये कहा कि बल्ब लेकर आ रहा हूं, लेकिन अब तक नहीं लौटा। सोचिए दूसरे दिन हमने दोनों बेटियों की शादी किसी तरह की है। बिना भाई के बेटियां विदा हुई हैं।
सईद ने कहा था- हमें किसी पर शक नहीं है, मेरा तो घर लुट रहा है। मेरा पूरा परिवार उसे तलाशता फिर रहा है। सीसीटीवी में वह नहर पर नजर आया। कुछ कैमरों में दिखा है। आजतक हमने उसे कभी इतना लंबा जाता नहीं देखा।

मोहसिन ने अपनी रजामंदी से निकाह किया था, वह बहुत खुश था।

