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जीएलए बीएड के विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित स्कूलों में चयन

  • जीएलए के बीएड में बेहतर शिक्षा के साथ मिल रहा प्रतिष्ठित स्कूलों में रोजगार का अवसर

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा अपने विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अग्रणी है। इसी दिशा में विश्वविद्यालय ने शिक्षा संकाय (बीएड) द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को सीबीएसई से संबंद्ध प्रतिष्ठित स्कूलों में रोजगार मुहैया कराया है।

बीते दिनों सीबीएसई से संबंद्ध कान्हा माखन गु्रप, ज्ञान दीप शिक्षा भारती एवं दौसा राजस्थान का बांदीकुई पब्लिक स्कूल के पदाधिकारियों ने जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा का विजिट किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा संकाय की प्राचार्या डाॅ. कविता वर्मा से मुलाकात की। इस दौरान स्कूल के पदाधिकारियों ने कैंपस प्लेसमेंट आयोजित किया। कैंपस प्लेसमेंट के दौरान कन्हा माखन ग्रुप ऑफ़ स्कूल के शिक्षा विशेषज्ञ प्रमोद शर्मा, विवेक कुमार सिंह, कीर्ति शर्मा, निशू मिश्रा, प्रियेन्द्र कुमार एवं ज्ञान दीप शिक्षा भारती से सन्दीप कुलश्रेठ, आकाश भाटिया, संगीता चैहान, डाॅ. पंकज कुमारी और बान्दीकुई पब्लिक स्कूल दौसा, राजस्थान से टी सार्थ कुमार रेड्डी व चरन सिंह बीएड के विद्यार्थियों से रूबरू हुए।

सभी शिक्षा विशेषज्ञों ने अपने स्कूल के बारे में बीएड के विद्यार्थियों को जानकारी दी। तत्पश्चात् मौखिक परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा में 50 प्रतिशत विद्यार्थियों में भगत सिंह, कृतिका, नेहा चैधरी, तनिष्का गौर, पायल वाष्र्णेय, खुशबू, काजल गावर, हर्षिता दीक्षित, मंयक शर्मा, अंशिका चैधरी, मीनू कुमारी, आलोक सिंह, छवि शर्मा, दिगम्बर सिंह, गोविन्द शर्मा, हर्षिता अग्रवाल, महिमा, मोनिका सिंह, पदमाक्षी सिंह, शुभम चैधरी, सौम्या गुप्ता एवं तरून कुमार सिंह आदि ने सफलता हासिल कर कीर्तिमान स्थापित किया। इसके बाद स्कूल पदाधिकारियों ने चयनित हुए विद्यार्थियों की सूची जारी की। रोजगार मिलने की सूची को देखकर विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। एक स्वर सभी विद्यार्थियों स्कूली पदाधिकारियों सहित जीएलए शिक्षा संकाय की प्राचार्या और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।

चयनित हुई छात्रा खुशबू ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय के बीएड संकाय मंे अध्ययनरत विद्यार्थियों को रोजगार की चिंता करने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है। आवश्यकता है तो सिर्फ शिक्षकों द्वारा दिए जा रहे बेहतर ज्ञान को ग्रहण करने की, जिससे कि प्रतिष्ठित स्कूलों द्वारा दिए जाने वाले रोजगार के अवसर हाथ से न निकल जाएं और स्कूली शिक्षा विशेषज्ञों के सामने विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षा बेहतर प्रदर्शन हो।

बांदीकुई पब्लिक स्कूल दौसा के शिक्षा विशेषज्ञ चरन सिंह सर्वप्रथम विश्वविद्यालय के हरित वातावरण को देख प्रफुल्लित नजर आये। इसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों के साक्षात्कार के दौरान बेहतर प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीएलए शिक्षा संकाय के विद्यार्थियों में कुछ नया सीखने की ललक, दूसरों को सिखाने की जागरूकता देखने को मिली। अवश्य ही ऐसे विद्यार्थी स्कूली बच्चों के विकास में सहायक होंगे।

जीएलए शिक्षा संकाय की प्राचार्या डाॅ. कविता ने चयनित हुए विद्यार्थियों को अच्छा शिक्षक बनने का गुरू मंत्र प्रदान किया। उन्होंने कहा कि एक श्रेष्ठ शिक्षक से बच्चे का विकास संभव है। यही बच्चे भारत की नींव है। बच्चों को शुरूआती दौर से शिक्षा अच्छी मिलेगी तो ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में वह श्रेष्ठता हासिल कर पायेंगे। इसलिए जरूरी है कि शिक्षकों के द्वारा बच्चों की शिक्षा पर फोकस कर उनके मानसिक विकास पर भी ध्यान देना होगा।

जीएलए का शिक्षा संकाय अपने विद्यार्थियों बेहतर और श्रेष्ठ शिक्षक बनाने की ओर काफी लंबे समय से जुटा हुआ है। पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित स्कूलों में रोजगार मुहैया हो जाता है। उन्होंने कहा कि बीएड कर रहे विद्यार्थियों ने टेट और सुपरटेट में अच्छा स्कोर हासिल किया है। सुपरटेट में अच्छा स्कोर हासिल करने वाले विद्यार्थी आज परिषदीय विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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