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Thu. Feb 12th, 2026

180 की स्पीड से दौड़ी ट्रेन,ग्लास का पानी नहीं छलका:स्वदेशी तकनीक से बनी वंदे भारत का फाइनल ट्रायल, रेल मंत्री ने बताया न्यू जनरेशन ट्रेन

कोटा : कोटा में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ी। लोको पायलट ने 4 ग्लास में पानी रखा, इतनी रफ्तार के दौरान भी ग्लास में से पानी नहीं छलका। पश्चिम-मध्य रेलवे के कोटा मंडल में स्वदेशी तकनीक से बनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (वर्जन-2) का फाइनल हाई स्पीड ट्रायल मंगलवार को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

ट्रायल के दौरान 16 कोच की यह नई पीढ़ी की ट्रेन 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से कोटा-नागदा रेलवे ट्रैक पर दौड़ी। ट्रायल के दौरान स्पीड, सेफ्टी और राइड क्वालिटी की विस्तृत जांच की गई। अब ये रेक यात्रियों के सफर के लिए उपलब्ध हो सकेगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से कोटा-नागदा रेलवे ट्रैक पर दौड़ी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से कोटा-नागदा रेलवे ट्रैक पर दौड़ी।

180 किलोमीटर की रफ्तार में भी ग्लास में रखा पानी नहीं छलका।

180 किलोमीटर की रफ्तार में भी ग्लास में रखा पानी नहीं छलका।

ट्रायल के दौरान कोटा-नागदा रेलवे ट्रैक पर दौड़ती 16 कोच की नई पीढ़ी की ट्रेन।

ट्रायल के दौरान कोटा-नागदा रेलवे ट्रैक पर दौड़ती 16 कोच की नई पीढ़ी की ट्रेन।

रेल मंत्री ने बताया न्यू जनरेशन ट्रेन

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने X (ट्विटर) पर पोस्ट कर इसे ‘न्यू जनरेशन ट्रेन’ बताया और भारतीय रेल के लिए बड़ा कदम करार दिया।

ट्रेन के सफल ट्रायल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया X पर न्यू जनरेशन ट्रेन लिखा।

ट्रेन के सफल ट्रायल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया X पर न्यू जनरेशन ट्रेन लिखा।

हाई स्पीड में कंपन और ब्रेक प्रणाली को जांचा

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया- ट्रायल के लिए शाम करीब 4 बजे ट्रेन को कोटा से नागदा (225 किमी) के लिए रवाना किया गया। रामगंजमंडी के बाद ट्रेन 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ी। ट्रायल के दौरान ट्रेन की स्थिरता, दोलन, कंपन, आपातकालीन ब्रेक प्रणाली, संरक्षा प्रणाली और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया गया। उच्च गति के दौरान ट्रेन का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया। ट्रायल पूरी तरह सफल रहा।

मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग की मौजूदगी में हुए ट्रायल के दौरान मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा भी मौजूद रहे। ट्रेन के सभी निर्धारित तकनीकी मानकों की गहन जांच की गई।

मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग की मौजूदगी में हुए ट्रायल के दौरान मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा भी मौजूद रहे। ट्रेन के सभी निर्धारित तकनीकी मानकों की गहन जांच की गई।

16 कोच की स्लीपर रेक यात्रियों की लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त है। ट्रेन में स्लीपर श्रेणी के लिए आरामदायक बर्थ व्यवस्था, एडवांस सस्पेंशन सिस्टम, ऑटोमैटिक गेट, आधुनिक टॉयलेट, आग और संरक्षा निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी आधारित सुरक्षा, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली और ऊर्जा दक्ष प्रणालियां उपलब्ध कराई गई है। इससे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव हो सकेगा।

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