मथुरा : संस्कृति में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह, गरिमा और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। संस्कृति विवि के कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी ने झंडारोहण किया। झंडा विवि के एनसीसी कैडेट्स ने मार्च पास्ट करते हुए भारतीय तिरंगे को सलामी दी।
इस मौके पर कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी ने कहा कि जब-जब तिरंगा लहराता है तो हमें अपनी आजादी पर गर्व होता है। हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का अवसर भी कुछ ऐसा ही होता है। 1950 में जब भारत का संविधान लागू हुआ तो आज ही की वो तारीख थी। तब से हर साल यह दिन राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति के साथ-साथ हमें याद दिलाता है कि देश की आजादी और संविधान के बाद भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक और गणतंत्र राष्ट्र है। गणतंत्र दिवस न केवल उत्सव है बल्कि यह बताता है कि कैसे देश की आजादी के लिए हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों ने संघर्ष किया था। उनके साहस, समर्पण और बलिदान ने आज के आधुनिक भारत की नींव रखी थी, जिसमें हम रहते हैं। जैसे ही हम इस विशेष दिन को मनाते हैं तो वैसे ही हम जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों को याद रखें।
संस्कृति कैप्स के निदेशक डॉ. रजनीश त्यागी ने भारतीय संविधान के महत्व, इसके मूल मूल्यों और लोकतंत्र को मजबूत करने में नागरिकों की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हुए ज्ञानवर्धक और प्रेरक संबोधन किया। उनके शब्दों ने छात्रों को व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन दोनों में संवैधानिक आदर्शों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर राष्ट्र प्रेम से जुड़ी अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी की गईं। बड़ी संख्या में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने गणतंत्र दिवस के उत्सव में भाग लिया।

