नई दिल्ली : गोल्ड और सिल्वर मार्केट में लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद आज तेजी 3 फरवरी को तेजी है। वायदा बाजार (MCX) में चांदी के दाम में करीब 17 हजार रुपए (7%) की बढ़त है। 1 किलो चांदी का भाव 2.53 लाख रुपए पर पहुंच गया है।
इससे पहले तीन दिनों में चांदी की कीमत 1.60 लाख रुपए कम हो चुकी है। सोने में भी करीब 5 हजार रुपए (3%) की तेजी है। 10 ग्राम सोना 1.45 लाख रुपए पर आ गया है। बीते 3 कारोबार दिन में इसकी कीमत 26 हजार कम हुई थी।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, आज सर्राफा बाजार में चांदी 2,55,372 रुपए प्रति किलो बिक रही है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,50,708 रुपए है। बीते 3 दिनों मुनाफा वसूली के कारण सोने-चांदी की कीमत में गिरावट आई थी।
MCX और सर्राफा बाजार में दाम अलग-अलग क्यों?
MCX : मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जहां सोने-चांदी की ट्रेडिंग होती हैं। शेयर बाजार की तरह हर सेकंड बोलियां लगती हैं जिससे दाम लगातार ऊपर नीचे होते हैं।
सर्राफा: यह वह जगह है जहां आप फिजिकल सोना-चांदी खरीदते हैं। फिजिकल गोल्ड को लाने, ले जाने और स्टोर करने का खर्च इसमें जुड़ा होता है।
सोने-चांदी में गिरावट की 2 वजह
प्रॉफिट बुकिंग: सोने-चांदी की कीमत हाल के दिनों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, जिसके बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुक किया।
फिजिकल डिमांड में कमी: ऑल टाइम हाई के बाद फिजिकल डिमांड कमजोर हुई, साथ ही औद्योगिक उपयोग को लेकर चिंताएं भी बढ़ीं।
मार्जिन बढ़ने से सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव
सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने कॉपर के बाद अब सोने और चांदी पर भी मार्जिन मनी बढ़ा दी है।
सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% कर दिया है। वहीं चांदी पर इसे 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है। मार्जिन बढ़ने से कीमतों पर दबाव बने रहने की उम्मीद है।
कमोडिटी मार्केट में जब कोई बड़ा सौदा करता है, तो उसे पूरे पैसे तुरंत नहीं देने होते। उसे कुल कीमत का एक छोटा हिस्सा सिक्योरिटी के तौर पर जमा करना पड़ता है, जिसे ‘मार्जिन’ कहते हैं। मार्जिन बढ़ने का मतलब है कि अब ट्रेडर्स को ज्यादा पैसा लगाना पड़ेंगे।
कई ट्रेडर्स ऐसे होते हैं जिन्होंने पहले से खरीदारी की हुई है। मार्जिन बढ़ते ही एक्सचेंज उनसे एक्स्ट्रा पैसे मांगता है। अगर उनके पास तुरंत पैसा नहीं है, तो उन्हें अपना सोना या चांदी बेचना पड़ता है। जब बहुत सारे लोग एक साथ बेचते हैं, तो दाम गिरने लगते हैं।

