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मेरठ में परिवार के 6 लोग घर में जिंदा जले:इनमें जुड़वां बेटियों समेत 5 बच्चे

मेरठ : मेरठ में कपड़ा कारोबारी के परिवार के 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इनमें जुड़वां बेटियों समेत 5 बच्चे हैं। कारोबारी पिता सोमवार देर शाम नमाज पढ़ने गए थे, तभी तीन मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। उस वक्त घर में महिलाएं, बच्चों समेत 12 लोग थे।

ग्राउंड फ्लोर में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को बाहर निकलने का वक्त नहीं मिला। सभी लपटों के बीच अंदर फंस गए। पड़ोसियों ने तुरंत फर्स्ट फ्लोर में फंसे 5 लोगों को सीढ़ी लगाकर बाहर निकाल लिया।

लेकिन, सेकंड फ्लोर में एक महिला और 5 बच्चे फंस गए। आग-धुआं देखकर महिला डर गई, उसने बचने के लिए सभी बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया। थोड़ी देर में पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची।

आग के बीच सेकंड फ्लोर तक पहुंचने को कोई रास्ता नहीं मिला तो पड़ोसी की दीवार तोड़ी गई। लेकिन, इतनी देर में महिला और 5 बच्चों की मौत हो गई।

हादसे में कपड़ा कारोबारी आसिम की पत्नी रुखसार (30), जुड़वा बेटियां अनाबिया, इनायत (6 माह) अकदस (3 साल) और भाई फारुक के दो बच्चे महविश (12), हम्माद (4 साल) की मौत हो गई।

यह आसिम के तीन बच्चों की तस्वीर है। अनाबिया और इनायत जुड़वा बेटियां थीं। इन तीनों की मौत हो चुकी है।

यह आसिम के तीन बच्चों की तस्वीर है। अनाबिया और इनायत जुड़वा बेटियां थीं। इन तीनों की मौत हो चुकी है।

यह आसिम के भाई फारुख के दो बच्चे हैं, इनकी भी जलकर मौत गई।

यह आसिम के भाई फारुख के दो बच्चे हैं, इनकी भी जलकर मौत गई।

कपड़ों के चलते तेजी से फैली आग

लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र में सुराही वाली मस्जिद में गली नंबर-1 किदवई नगर की है। तीन मंजिला मकान में इकबाल अहमद का परिवार रहता था। इकबाल कपड़े तैयार कराते हैं। ऑर्डर पर और दूसरे शहरों में लगने वाली एग्जिबिशन में उन्हें सेल करते हैं। परिवार में उनके 5 बेटे हैं। इनमें 3 की शादी हो चुकी थी, जबकि दो अनमैरिड हैं।

सोमवार देर शाम जब हादसा हुआ, उस वक्त इकबाल अहमद और उनके 4 बेटे नमाज पढ़ने बाहर गए थे, जबकि एक बेटा प्रयागराज गया हुआ था। यानी, परिवार में कोई पुरुष मौजूद नहीं था। इकबाल अहमद का परिवार कपड़े का कारोबार करता है।

ऐसे में घर के ग्राउंड फ्लोर में स्टोर बना रहा था। इसमें कपड़े ही कपडे़ भरे थे। रात 8-9 बजे अचानक ग्राउंड फ्लोर में आग लग गई। बताया जा रहा कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी और कपड़ों की वजह से कुछ ही मिनट में तेजी से फैल गई।

लपटें देख डरी मां, बच्चों संग खुद को कमरे में बंद किया

पड़ोसियों ने धुआं उठता देखा तो चिल्लाकर परिवार को बताया। परिवार उस वक्त ऊपर की दो फ्लोर में था। जब तक उन्हें आग का पता चलता तब तक आग पूरे ग्राउंड फ्लोर को चपेट में ले चुकी थी। सीढ़ियों में भी आग फैल गई थी। फर्स्ट फ्लोर में उस वक्त 3 महिलाएं और 3 बच्चे यानी 6 लोग थे।

इनमें अरशद और फारुख की पत्नियां और मां अमीर बानो और इनके बच्चे थे। पड़ोसियों ने जैसे-तैसे सीढ़ी लगाकर इन सभी को बाहर निकाला। सेकंड फ्लोर में आसिम की पत्नी रुखसार और 5 बच्चे थे। उसने नीचे भागने की कोशिश की, लेकिन सीढ़ी में आग देखकर डर गई। उसने कमरा बंद कर लिया।

पड़ोसियों ने दीवार तोड़कर शवों को निकाला

पुलिस, फायर ब्रिगेड और पड़ोसियों ने सेकंड फ्लोर तक पहुंचने की कोशिश की। लेकिन, आग, तपिश और धुएं की वजह से कुछ भी नजर नहीं आया। बाद में पड़ोसी की दीवार तोड़कर सेकंड फ्लोर में पहुंचा गया। जब दमकल की टीम सेकंड फ्लोर तक पहुंची तो कमरे में पांचों बेहोश मिले।

पुलिस तुरंत सभी को राजधानी अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टरों ने पांचों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, मां अमीर बानो झुलस गई थी, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। फायर ब्रिगेड की टीम 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा पाई।

जिंदा जल कर मरी 6 माह की बच्ची की डेड बॉडी को हाथ में उठाकर बाहर आते आसिम के रिश्तेदार

जिंदा जल कर मरी 6 माह की बच्ची की डेड बॉडी को हाथ में उठाकर बाहर आते आसिम के रिश्तेदार

पत्नी और बच्चों की मौत से आसिम बिलख पड़ा। रिश्तेदार उसे सहारा देते रहे।

पत्नी और बच्चों की मौत से आसिम बिलख पड़ा। रिश्तेदार उसे सहारा देते रहे।

एक-एक कर सभी 6 डेड बॉडी को एंबुलेंस से ले जाया गया।

एक-एक कर सभी 6 डेड बॉडी को एंबुलेंस से ले जाया गया।

अल्लाह! इन मासूमों ने किसी का क्या बिगाड़ा था

रात में जैसे ही शव लेकर लोग बाहर निकले, लोग कहते दिखाई दिए- अल्लाह! इन मासूमों ने किसी का क्या बिगाड़ा था। 6 महीने जुड़वा अनाबिया और इनायत को गोद में लेकर परिजन बाहर निकले तो लोगों की आंखें भर आईं।

इसके बाद महविश, फिर अकदस, हम्माद और फिर सबसे आखिर में रुखसार का शव लाकर एंबुलेंस में रखा गया। एंबुलेंस शवों को लेकर घर के लिए रवाना हो गई। फिलहाल इन बच्चों की दादी अमीर बानों का पास के दूसरे अस्पताल में उपचार चल रहा है। उन्हें खतरे से बाहर बताया गया है।

अस्पताल आने से पहले ही सभी की मौत हो चुकी थी

हादसे में की सूचना मिलते ही ADG मेरठ जोन भानु भास्कर, DIG कलानिधि नैथानी पहुंचे। उस घर का निरीक्षण किया। DIG ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। चिकित्सकों ने अफसरों को बताया- अस्पताल आने से पहले ही सभी की मौत हो चुकी थी, इसलिए रेफर करने का कोई फायदा नहीं है। इसके बाद परिवार को जानकारी दी गई। डीएम ने रात में ही विद्युत विभाग फायर सेफ्टी के अफसरों को जांच के आदेश दे दिए। यह टीम 24 घंटे में अपनी रिपोर्ट देगी।

गनीमत थी कि घर में रखा सिंलेडर नहीं फटा, वरना यह हादसा और बड़ा हो सकता था।

गनीमत थी कि घर में रखा सिंलेडर नहीं फटा, वरना यह हादसा और बड़ा हो सकता था।

मोहल्ले के लोगों ने रेस्क्यू किया। घर में फंसे लोगों को बाहर निकाल कर भागते हुए अस्पताल पहुंचाया।

मोहल्ले के लोगों ने रेस्क्यू किया। घर में फंसे लोगों को बाहर निकाल कर भागते हुए अस्पताल पहुंचाया।

छतों के रास्ते फायर फाइटर्स की टीम अंदर पहुंची

एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया- आग लगने की सूचना पुलिस को मिली थी। थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। संकरी गलियों वाला इलाका है, इसलिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को अंदर आने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। छतों के रास्ते फायर फाइटर्स की टीम अंदर पहुंची।

पता चला कि मकान में आग लगी है। इसमें कपड़ों का भी कोई गोदाम था। मकान में अंदर 7 लोग फंसे हुए थे। सभी को फायर फाइटर्स की टीम ने आग से बाहर निकाला और आग पर काबू पाया। पुलिस की शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस में लीकेज के चलते आग लगी है।

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