लखनऊ/वाराणसी/प्रयागराज/गाजियाबाद : यूपी में रविवार को मौसम अचानक बदल गया। सुबह नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या समेत 15 शहरों में तेज हवा के साथ हल्की बारिश हुई। लखनऊ में बूंदाबांदी के साथ धूलभरी आंधी चली। आसमान में काले बादल छा गए।
हरदोई में बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे किसान की मौत हो गई। उसके 2 बच्चे झुलस गए। हाथरस में बारिश की वजह से कोल्ड स्टोरेज की दीवार गिर गई। यहां रखा 10 हजार बोरी आलू मलबे में दब गया।
मौसम विभाग ने आज 35 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 10 जिलों में ओले का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में दोपहर तक बादल छाए हैं। ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे तक प्रदेश में मौसम बिगड़ा ही रहेगा।
बारिश और तेज हवा का असर फसलों पर भी दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में खड़ी फसलें झुक गईं। हालांकि, तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो बांदा सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 38.4°C दर्ज किया गया। उरई में पारा 36.8°C और प्रयागराज में 36.4°C पहुंच गया।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने मौसम में हुए अचानक बदलाव की वजह बताई। उन्होंने कहा –

आज से एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ की वजह से प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया। 2 दिन प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में बारिश के आसार हैं। 40-50 किमी की स्पीड से हवाएं चलेंगी। ओले भी गिरेंगे। 19 मार्च से प्रदेश में एक और विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, इससे भी बारिश-आंधी के आसार हैं।
मौसम की तस्वीरें-

लखनऊ में सुबह-सुबह आंधी चली। सड़कों पर बिछे पेड़ के सूखे पत्तों से पतझड़ जैसा एहसास हुआ। तस्वीर गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान की है।

गाजियाबाद में रविवार सुबह बारिश हुई। बचने के लिए लोग टिन शेड के नीचे खड़े नजर आए।

हाथरस में बारिश और आंधी के चलते कोल्ड स्टोरेज की दीवार गिर गई। इस दौरान 10 हजार बोली आलू मलबे में दबकर खराब हो गया।

मेरठ में भी तेज हवा के साथ बारिश हुई। किसानों को खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान होने का डर सताने लगा है।
बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता बेमौसम बारिश और तेज हवाएं खेतों में खड़ी फसलों के लिए नुकसानदायक हैं। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल पकने की स्थिति में है। ऐसे में बारिश और तेज हवा से बालियां झुक जाती हैं। कटाई के समय दिक्कत होती है। दाने खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार नमी रहने से फसलों में रोग लगने का खतरा भी बढ़ सकता है। हालांकि, हल्की बारिश से कुछ दलहनी और सब्जी वाली फसलों को फायदा भी मिल सकता है।

यह फोटो रविवार सुबह उत्तराखंड के नैनीताल जिले की है। यहां इतनी बर्फबारी हुई कि सड़क पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। यह इलाका बरेली से 130 किमी दूर है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि उत्तराखंड में हुई बर्फबारी का भी प्रदेश में असर होगा। ठंडी हवाएं चलेंगी।
CM योगी बोले- अफसर फील्ड में उतरकर किसानों से बात करें
CM योगी ने रविवार सुबह हुई बारिश से फसलों को हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने सभी डीएम और अफसरों को फील्ड में जाकर किसानों से सीधे बात करने और उनकी फसलों को हुए नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए।
सीएम ने कहा- राहत आयुक्त भी मैदान में काम कर रहे अफसरों के लगातार संपर्क में रहें। जहां-जहां फसलों को नुकसान हुआ है, उसकी जानकारी लेकर किसानों को समय पर मुआवजा दिलाने की व्यवस्था की जाए।

