मथुरा : नव संवत्सर से पहले निकलने वाली इस शोभायात्रा में शामिल होने वाले भगवान के छवि चित्रों का बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पूजन-अर्चन किया। इस दौरान आयोजकों ने पटका पहनाकर उनका स्वागत किया।
शोभायात्रा का पूजन करने पहुंचे बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सबसे पहले वृंदावन के प्राचीन मदन मोहन मंदिर के दर्शन किए। मदन मोहन मंदिर वृंदावन के सप्त देवालयों में से एक प्रमुख मंदिर है। यहां उन्होंने भगवान के दर्शन किए और पुजारी को भगवान के लिये माला भेंट की। इस दौरान पुजारी ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को भगवान का प्रसादी अंग वस्त्र भेंट किया।

मदन मोहन मंदिर पहुंचने पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दंडवत प्रणाम किया था।
भगवान मदन मोहन जी के दर्शन करने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शोभायात्रा में शामिल होने वाले डोला का पूजन किया। शोभायात्रा में वृंदावन के प्राचीन 21 मंदिरों में विराजमान भगवान के छवि चित्र को डोला में स्थापित कर निकाला जाएगा।

भगवान मदन मोहन जी के दर्शन करते धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।

धीरेंद्र शास्त्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना की।

मंदिर से सेवायतों ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को अंगवस्त्र पहनाया।
भेदभाव दूर करने के लिए निकाली जाती है शोभायात्रा
पूजन-अर्चना करने के बाद बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा- नव संवत्सर गुड़ी पड़वा के अवसर पर वृंदावन की पावन धरा पर भगवान के चल विग्रह डोला निकाले जाते हैं।
यह यात्रा भेदभाव, छुआछूत दूर करने के लिए निकाली जाती है। यह हम सब के लिए सौभाग्य की बात है कि जहां ठाकुर जी विधवान हैं, जहां का कण-कण किशोरी जी का रूप है। वहां सनातनी एकता के लिए नव संवत्सर पर यह शोभायात्रा निकाली जाती है।
सड़कों पर नमाज पढ़ने का ऐलान किए जाने के सवाल पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा- यह सरकार जो कुछ कहती और करती है, उससे तो हमारा लेना-देना नहीं। वहीं शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर उन्होंने कहा- मैं राजनीति के मुद्दे पर नहीं बोलता।

