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मुफ्त बिजली और सस्ता राशन: BPL परिवारों के लिए हिमाचल सरकार ने खोला खुशियों का पिटारा

शिमला : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने 21 मार्च 2026 को शिमला में राज्य का बजट पेश किया। इस बजट में गरीब और BPL (बीयर पॉवर्टी लाइन) परिवारों के लिए कई बड़ी राहतें घोषित की गई हैं। मुख्य फोकस मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना पर है, जिसके तहत लगभग एक लाख अति गरीब परिवारों को ‘सुखी परिवार’ में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। ये परिवार राज्य में आर्थिक रूप से सबसे वंचित हैं, जिनकी पहचान SDM, DC, BDO और पंचायतों द्वारा विस्तृत सर्वेक्षण के आधार पर की जाएगी।

BPL परिवारों के लिए प्रमुख लाभ

मुफ्त बिजली: हर महीने 300 यूनिट बिजली पूरी तरह निशुल्क मिलेगी। इससे इन परिवारों का बिजली बिल का बोझ पूरी तरह खत्म हो जाएगा और घरों में रोशनी बढ़ेगी।
मासिक पेंशन: 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी, जो इन परिवारों की महिलाओं या बुजुर्गों को आर्थिक सहारा देगी।
पक्का मकान: पक्के घरों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। चरणबद्ध तरीके से ऐसे परिवारों को इस सुविधा से जोड़ा जाएगा, जो अभी तक छत के अभाव में हैं।

मुख्यमंत्री सुखु ने कहा, ‘करीब एक लाख गरीब परिवारों को सुखी परिवार में बदलने की पहल के तहत कवर किया जाएगा। तीन खास गारंटी में 300 यूनिट फ्री बिजली, 1500 रुपये महीने की पेंशन और पक्के घरों के लिए वित्तीय मदद शामिल है।’

अन्य कल्याणकारी योजनाएं

बजट में महिलाओं के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। इंदिरा गांधी प्यारी बहना योजना का तीसरा चरण जल्द शुरू होगा, जिसमें योग्य महिला लाभार्थियों को 1,500 रुपये की मासिक वित्तीय मदद मिलेगी। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करेगी।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी प्रावधान

किसानों को लगभग 12 लाख जननद्रव्य पौधे (उत्पादक पौधे) वितरित किए जाएंगे। प्राकृतिक जैविक संसाधनों को बढ़ावा, बायो-चार उत्पादन और चीड़ की पत्तियों से वैकल्पिक आजीविका पर फोकस। MNREGA पर केंद्र सरकार के फैसलों से प्रभावित ग्रामीण रोजगार को भरपाई के लिए राज्य अतिरिक्त 4 करोड़ मैन-डे जोड़ेगा।

युवाओं और रोजगार के लिए

बजट में युवाओं और रोजगार को लेकर भी घोषणा की गई है। ग्रामीण विकास में 150 पंचायत सचिव पदों की भर्ती का ऐलान किया गया है। इसके अलावा 500 युवाओं को ई-टैक्सी सब्सिडी और 500 ई-रिक्शा के लिए DBT आधारित कैपिटल ग्रांट (कुल खर्च लगभग 500 करोड़ रुपये) आवंटन किए गए है। 500 शैक्षणिक संस्थानों में कैंपस प्लेसमेंट सेल मजबूत किया जाएगा।

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