वाराणसी, कानपुर, लखनऊ : यूपी में मौसम में उतार-चढाव जारी है। पश्चिमी यूपी में ठंडी हवाओं और हल्की बारिश ने गर्मी से राहत दी। पूर्वी यूपी में दिन में अच्छी धूप खिल रही है, लेकिन रात के वक्त ठंड का एहसास हो रहा है। पिछले 7 दिन की बात करें तो 10 जिलों का अधिकतम तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस या उससे भी नीचे चला गया है।
इससे पहले, सोमवार को नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बरेली, मथुरा समेत 10 जिलों में हल्की बारिश हुई। संभल में आंधी के साथ तेज बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि आज और कल मौसम साफ रहेगा। तापमान 4 से 7°C तक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। हालांकि, 26 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इससे 4-5 दिन तक पूरे प्रदेश में बारिश का दौर फिर से शुरू होगा।
पिछले 24 घंटे की बात करें तो सबसे अधिक तापमान लखीमपुर खीरी में 33 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बिजनौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 14.5°C रिकॉर्ड किया गया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया-

फिलहाल कोई विक्षोभ सक्रिय नहीं है। इस वजह से आज और कल मौसम साफ रहेगा। तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा। हालांकि, 26 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है। इससे पूरे प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होगा। 4-5 दिन बारिश का संभावना बनेगी।

लखनऊ में मौसम साफ है। सुबह से ही तेज धूप निकली है। हालांकि, हवा में ठंडक बनी हुई है।

कानपुर में मंगलवार की सुबह धूप खिली रही। लेकिन अभी भी मौसम में हल्का ठंडापन बना हुआ है।

गोरखपुर में मंगलवार सुबह धूपी खिली। इस दौरान युवतियां चेहरे को ढक कर निकलीं।
अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम?
- 25 मार्च – पूरे यूपी में बारिश की संभावना नहीं है। मौसम साफ रहेगा। हालांकि, 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
- 26 मार्च – पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इससे पूरे प्रदेश में बारिश के आसार हैं। तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।
सरकार बोली- फसल गिरी तो किसान बीमा क्लेम कर सकते हैं
बारिश से जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उनके लिए राहत की खबर है। सरकार के मुताबिक, कटाई के 14 दिनों के भीतर अगर फसल खराब होती है तो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम कर सकते हैं। जिला प्रशासन प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट देगा, जिसके आधार पर यूपी सरकार मुआवजा देने का फैसला कर सकती है।

मथुरा में सोमवार को रिमझिम बारिश हुई थी। आसमान में घने काले बादल छाए थे।
आंधी से गेहूं, अरहर की फसल को नुकसान, कैसे करें बचाव
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवा का असर रबी, जायद और बागवानी फसलों पर पड़ा है। इस समय अरहर, सरसों, चना, मटर, मूंग और मूंगफली में फलियां बन रही हैं और दाने भर रहे हैं। तेज हवा चलने से फलियां फट सकती हैं और दाने झड़ सकते हैं।
गेहूं की फसल भी तेज हवा से गिर सकती है, जिससे पैदावार कम होने का खतरा है। सब्जियों में भिंडी, टमाटर, लौकी, खीरा, तरबूज, खरबूजा, बैंगन और मिर्च के फूल और छोटे फल गिर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि जो फसल पक चुकी है, उसकी तुरंत कटाई कर लें और सुरक्षित जगह पर रखें। खेतों में पानी जमा न होने दें, इसके लिए जल निकास की सही व्यवस्था करें।

