मथुरा : मथुरा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के एक बाबू को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ा। बाबू दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। इस बात की सूचना पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम को दी।
शिकायत मिलने के बाद टीम ने बाबू को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। जैसे ही विकलांग विभाग का बाबू रिश्वत की रकम लेने लगा, टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया। उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद की गई और उसे हिरासत में लिया गया। इसके बाद टीम बाबू को अपने साथ ले गई और कार्यवाही में जुट गई।
सर्टिफिकेट बनाने के लिए मांगी थी रिश्वत
सीएमओ कार्यालय के विकलांग विभाग में बाबू शशिकांत वर्मा के खिलाफ लगातार शिकायतें आ रही थीं। मंगलवार को एक विकलांग युवक अपने सर्टिफिकेट बनवाने के लिए विभाग गया। सर्टिफिकेट बनाने के बदले बाबू ने रिश्वत की मांग की। इस पर पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने बाबू को पकड़ने के लिए योजना बनाई। मंगलवार को पीड़ित युवक फिर विकलांग विभाग पहुंचा और बाबू को रिश्वत देते हुए सर्टिफिकेट बनवाने के लिए कहा। जैसे ही बाबू शशिकांत वर्मा ने रिश्वत अपने हाथ में ली, एंटी करप्शन टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद बाबू को अपनी गाड़ी में बैठाकर टीम अपने साथ ले गई।

विकलांग विभाग के बाबू शशिकांत वर्मा को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
पहले भी एक कर्मी हुआ था गिरफ्तार
इस कार्रवाई के बाद पूरे स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। कुछ दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग के एक अन्य कर्मचारी को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। इससे विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगातार उजागर हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही हैं। कई बार कार्रवाई के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं आया है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

