मोहाली : राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी (AAP) के झगड़े में पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी की भी एंट्री हो गई है। एक पॉडकास्ट के दौरान डॉ. गांधी ने कहा कि जब वह AAP से पटियाला के सांसद थे तो राघव चड्ढा ने उन्हें चिट्ठी देकर लोकसभा में बोलने के लिए कहा।
हालांकि उन्होंने राघव की लाई चिट्ठी फाड़कर उनके मुंह पर मार दी और गेटआउट कहकर पंजाब भवन से निकाल दिया। डॉक्टर गांधी ने एक निजी सोशल मीडिया चैनल से बात करते हुए ये बातें कहीं।
वहीं राघव चड्ढा भी लगातार AAP को जवाब दे रहे हैं। 2 वीडियो जारी करने के बाद रविवार (5 अप्रैल) को उन्होंने पंजाब के लिए उठाए मुद्दों के बारे में बताते हुए लिखा कि यह छोटा सा ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है।
AAP ने आरोप लगाया कि राघव ने BJP और PM नरेंद्र मोदी के खिलाफ किए सारे ट्वीट डिलीट कर दिए। राघव इससे पहले AAP को सैलाब बनकर आने और घातक होने की चेतावनी दे चुके हैं।
- राघव पंजाब भवन आया, मुझे चिट्ठी देकर कहा- ये बोलना है: पटियाला से कांग्रेस के लोकसभा सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने कहा- 2014 में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर मेरा पहला लेक्चर था। राघव चड्ढा मेरे पास पंजाब भवन में आया। चिट्ठी लिखकर ले आए कि आपने कल बोलना है। मैंने कहा कि पता है कि मुझे बोलना है। राघव चड्ढा ने चिट्ठी देते हुए कहा कि आपको ये बोलना है।
- मैंने कहा- हू आर यू, मुझे पता है क्या बोलना: डॉ. गांधी ने आगे कहा- मैंने कहा- हू आर यू, मुझे सब पता है। 1975 में जेल गया, 1970 से मैं इस लाइन में घूम रहा। 45 साल हो गए। मुझे नहीं पता कि क्या बोलना है। इस पर राघव चड्ढा ने कहा- आप नेशनल पार्टी के लीडर हो। नेशनल स्पोक्सपर्सन हो। LOP हो। मैंने कहा कि चिट्ठी पकड़ाओ, देखता हूं कि क्या बोलने को कह रहे हैं।
- मैंने कहा- 4 में से तुम्हारी एक मांग बोलूंगा: डॉ. गांधी ने कहा- मैंने वह चिट्ठी देखी, उसमें चारों मुद्दे दिल्ली के थे। दिल्ली की बिजली और पानी का मुद्दा था। मैंने कहा कि बात सुन, मैं पहले बोलूंगा गाजा पट्टी पर, वहां बड़ा जुल्म हुआ। फिर मैं बदायूं रेप केस पर बोलूंगा। फिर पंजाब के कर्जे, नशे और खेती संकट पर बोलना है। इसके बाद 4 में से एक मांग तुम्हारी बोल दूंगा।
- मैंने चड्ढा को कहा– तुम बताने वाले कौन: डॉ. गांधी ने कहा- मेरे ये कहने पर राघव चड्ढा ने मुझे कहा, नहीं, नहीं, आपको सिर्फ यही बोलना है। मैंने पूछा कि तुम मुझे बताने वाले कौन हो? राघव ने कहा- आप पार्टी लीडर हो, आपको इंडियन पर्सपेक्टिव में ही बोलना होगा। मैंने कहा कि ये चिट्ठी तो दिल्ली पर्सपेक्टिव की है, इंडियन तो है ही नहीं।
- मैंने चिट्ठी पकड़कर फाड़ी, कहा- मुझसे बात मत करना: डॉ. गांधी ने आगे कहा- मैंने राघव को बताया कि जो मुद्दे मैं बता रहा हूं, वह इंटरनेशनल और इंडियन पर्सपेक्टिव के हैं। राघव ने कहा कि नहीं ये चिट्ठी लो। मैंने चिट्ठी पकड़ी और फाड़कर राघव चड्ढा के मुंह पर मार दी और गेटआउट कहते हुए बोला कि मुझसे बात मत करना।
राघव चड्ढा के मामले में अब तक क्या–क्या हुआ
AAP ने उपनेता पद से हटाया 2 अप्रैल को AAP ने राघव चड्ढा को AAP के राज्यसभा सांसदों के उपनेता पद से हटा दिया। इस बारे में राज्यसभा सेक्रेटरिएट को चिट्ठी दी गई, जिसमें यह भी कहा गया कि उन्हें पार्टी के कोटे से बोलने का टाइम न दिया जाए। AAP ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), फगवाड़ा के वाइस चासंलर अशोक मित्तल को उपनेता बना दिया। राघव 2022 से पंजाब से AAP के राज्यसभा सांसद हैं। उनकी टर्म 2028 तक है।
राघव चड्ढा ने कहा- खामोश कराया, हारा नहीं हूं इसके बाद 3 अप्रैल को राघव चड्ढा ने वीडियो जारी कर कहा- मैंने संसद में जनता के मुद्दे उठाए, क्या यह अपराध है। ये मुद्दे उठाने से आम आदमी का फायदा हुआ तो AAP का क्या नुकसान हुआ? जिन लोगों ने पार्लियामेंट में मेरे बोलने का अधिकार मुझसे छीन लिया, मुझे खामोश कर दिया, मैं उन्हें भी कुछ कहना चाहता हूं। मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।
AAP नेता सामने आए, कहा- पार्टी लाइन से हटे राघव के वीडियो के सामने आते ही अनुराग ढांडा, सौरभ भारद्वाज, आतिशी मार्लेना, सीएम भगवंत मान जैसे कई AAP नेता सामने आए। उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल अरेस्ट हुए तो राघव चड्ढा आंखों के ऑपरेशन की बात कहकर UK चले गए थे। संसद में केंद्र सरकार और PM मोदी से सवाल नहीं पूछते, वे मोदी से डरते हैं।
वे राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय समोसे के रेट जैसे छोटे मुद्दे उठाते हैं। पश्चिम बंगाल को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्ताव में साइन करने से राघव चड्ढा ने इनकार किया। पार्टी के वॉकआउट पर सदन से बाहर नहीं आए।
राघव ने VIDEO जारी कर कहा- स्क्रिप्टेड कैंपेन चला रहे राघव ने 4 अप्रैल को दूसरा वीडियो जारी कर कहा- कल से मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चलाया जा रहा है। वही भाषा, वही बातें, वही आरोप। यह कोई कोइंसिडेंस नहीं, बल्कि एक को-ऑर्डिनेटेड अटैक है।
पहले मुझे लगा कि मुझे इसका जवाब नहीं देना चाहिए। फिर लगा कि एक झूठ को सौ बार बोला जाए तो कहीं लोग मान न लें। इसलिए, मैंने सोचा कि जवाब दूं। मैं संसद में शोर मचाने, चिल्लाने, माइक तोड़ने या गाली देने नहीं गया, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए गया हूं। आखिर में… घायल हूं, इसलिए घातक हूं कहते हुए AAP को चेतावनी दी।

