मथुरा : मथुरा के वृंदावन में नाव हादसे के बाद सोमवार को एसडीएम मांट ऋतु सिरोही लंबी छुट्टी पर चली गई हैं। उनकी जगह दीपिका मेहर मांट का नया SDM बनाया गया है। हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही को लेकर ऋतु सिरोही पर कई सवाल उठ रहे थे। हालांकि, जिलाधिकारी का कहना है कि ऋतु सिरोही निजी कारणों से छुट्टी पर चली गई हैं। इसका हादसे से कोई लेना-देना नहीं है।
इस बीच, हादसे के बाद चौथे दिन भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सुबह 8 बजे यमुना नदी में 2 लाशें मिलीं। हादसे वाली जगह से 12 किलोमीटर दूर बंगाली घाट से एक महिला और देवरा बाबा आश्रम के पास से एक युवक की लाश बरामद हुई। प्रशासन के मुताबिक, शव फूलकर नदी के ऊपर आ गए थे। परिजनों ने दोनों की पहचान की।
अब तक 15 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। सेना, NDRF-SDRF समेत करीब 200 लोगों की टीम ऑपरेशन में लगी हुई है। टीम 20 किमी दायरे में लापता श्रद्धालु की तलाश कर रही है।
युवक की पहचान पंजाब में लुधियाना के रहने वाले यश भल्ला (22) के रूप में हुई है। यश पहली बार वृंदावन आए थे। बांके बिहारी ग्रुप के साथ जुड़े थे। धार्मिक संकीर्तन में ढोलक बजाते थे। नाव डूबने से पहले का जो वीडियो सामने आया था, उसमें यश ढोलक बजाते दिखाई दे रहे थे। यश के बड़े भाई अकाउंटेंट है। मां सुनीता हाउस वाइफ हैं। पिता रेहड़ी-फड्डी लगाकर कपड़े बेचते है।
वहीं, महिला की पहचान दुगरी, लुधियाना की मोनिका टंडन के रूप में हुई है। वो अपनी सास सविता के साथ आई थी। 6 महीने पहले ही शादी हुई थी। पति विदेश में थे। जल्द ही विदेश जाने वाली थी। हादसे के दिन नाव में पड़ोसी महिला डिंकी के साथ बैठी थी। डिंकी लाश कल बरामद हुई थी। एक श्रद्धालु पंकज मल्होत्रा (40) अब भी लापता हैं। पंकज हिमाचल प्रदेश में स्टील कंपनी में मैनेजर थे।
बता दें कि शुक्रवार दोपहर 3 बजे 38 श्रद्धालुओं से भरी नाव पलट गई थी। हादसा श्री बांके बिहारी मंदिर से 2 किमी दूर केसी घाट पर हुआ था। पुलिस ने आरोपी नाविक पप्पू निषाद और पांटून पुल के ठेकेदार नारायण शर्मा को जेल भेज दिया है। पप्पू ने अपनी नाव में श्रद्धालुओं को जुगल घाट से बैठाया था।

सर्च टीम को सुबह 8 बजे यमुना नदी से एक महिला का शव मिला। उसकी पहचान मोनिका के रूप में हुई।

सर्च टीम को उस युवक का भी शव मिल गया, जो हादसे से पहले के वीडियो में ढोलक बजाता दिख रहा था।

सेना समेत करीब 200 लोगों की टीम सर्च ऑपरेशन में लगी हुई है। 20 किमी दायरे में एक लापता की तलाश कर रही है।

रविवार को हादसे से पहले के 4 वीडियो सामने आए। इनमें श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए। भजन-कीर्तन करते दिखाई दिए।
कैसे हुआ हादसा? जान लीजिए-
हादसे में जिंदा बचे एक युवक ने बताया- नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। हवा करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक का नियंत्रण छूट गया। पर्यटकों ने कहा कि पुल आने वाला है, नाव रोक लीजिए, लेकिन उसने नहीं सुनी। दो बार नाव पुल से टकराने से बची, लेकिन तीसरी बार टक्कर हो गई और नाव डूब गई।

