पटना : IPL 2026 से वैभव सूर्यवंशी की टीम राजस्थान रॉयल्स बाहर हो चुकी है। गुजरात टाइटंस ने क्वालिफायर-2 मुकाबले में राजस्थान को 7 विकेट से हरा दिया। फाइनल की रेस से बाहर होने के बाद वैभव सूर्यवंशी रो पड़े।
राजस्थान रॉयल्स की टीम भले ही IPL से बाहर हो गई हो, लेकिन टीम के ओपनर बल्लेबाज और बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने अपने परफॉर्मेंस से दुनियाभर के क्रिकेट एक्सपर्ट से लेकर बॉलीवुड तक अपना ध्यान खींचा है।
इस बीच सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा, ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’
वैभव बनेंगे झारखंड स्वास्थ्य विभाग के ब्रांड एंबेसडर
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने वैभव सूर्यवंशी को झारखंड स्वास्थ्य विभाग का ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा की है। उन्होंने X पर लिखा,

वैभव, भले ही तुम्हारी टीम मैच हार गई हो, लेकिन तुम करोड़ों भारतीयों का दिल जीत चुके हो। मैं स्वयं क्रिकेट का खिलाड़ी रहा हूं, लेकिन इतनी कम उम्र में बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों का जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता से सामना करते हुए लगातार धुनाई करना, यह असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है। तुमने केवल अपना नाम ही नहीं, बल्कि अपने माता-पिता, बिहार और पूरे हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है। इसके लिए तुम्हें दिल से बधाई देता हूं। जल्द ही मैं तुम्हें झारखंड में सम्मानित करूंगा।’
क्रिस गेल बोले- सिर्फ वैभव मेरा रिकॉर्ड तोड़ सकता था
IPL में राजस्थान की ओर से खेलने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने बुधवार को एलिमिनेटर मुकाबले में क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। गेल ने 2012 में IPL के एक सीजन में 59 छक्के जमाए थे। जबकि सूर्यवंशी ने इस सीजन 65 छक्के लगाए।
65 छक्के के साथ वैभव IPL के इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी देख क्रिस गेल भी उनके मुरीद हो गए। इंडियन स्पोर्ट्स नेटवर्क के मुताबिक, गेल ने कहा,

मैंने पहले ही कहा था कि अगर कोई मेरा रिकॉर्ड तोड़ सकता है, तो वह सिर्फ वैभव सूर्यवंशी ही होंगे। आज मुझे बेहद खुशी है कि वैभव सूर्यवंशी ने एक ही सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का मेरा रिकॉर्ड तोड़ दिया। महज 15 साल की उम्र में ऐसा करना आसान नहीं है और इतनी कम उम्र में दुनिया में किसी ने यह उपलब्धि हासिल नहीं की।

