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राज्यसभा में खड़गे बोले- जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज हुआ:वहां बच्चे इकठ्ठा हुए, उनकी आवाज को दबाया जा रहा; सदन की कार्यवाही स्थगित

नई दिल्ली : मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा में नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया गया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- जंतर-मंतर पर बच्चे इकठ्ठा हुए, उनकी आवाज को दबाया जा रहा। सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया। जिसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया।

उधर लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। सदन की कार्यवाही 12 मिनट ही चल सकी। जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी है।

विपक्षी नेताओं ने NEET-UG पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कई सांसद पोस्टर, बैनर लेकर आए।

इससे पहले मोदी ने संसद के हंस द्वार पर मीडिया को 15 मिनट संबोधित किया। पीएम ने कहा- मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। संसद में तर्क के साथ चर्चा हो।

मानसून सत्र के पहले दिन पीएम मोदी संसद पहुंचे। उन्होंने संसद भवन में मौजूद भाजपा सांसदों किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात की।

मानसून सत्र के पहले दिन पीएम मोदी संसद पहुंचे। उन्होंने संसद भवन में मौजूद भाजपा सांसदों किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात की।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी सुबह 10 बजे के करीब संसद पहुंचे। विपक्ष पूरे सत्र में मोदी सरकार को नीट, राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसी मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी सुबह 10 बजे के करीब संसद पहुंचे। विपक्ष पूरे सत्र में मोदी सरकार को नीट, राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसी मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।

अखिलेश बोले- सरकार श्रद्धांजलि देने में भी भेदभाव करती है

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, जो सरकार श्रद्धांजलि देने में भी भेदभाव करती हो। उसके अहंकार का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है? बच्चों की जान चली गई, लेकिन उनके लिए एक शब्द तक नहीं कहा गया, उन्हें श्रद्धांजलि तक नहीं दी गई।

राज्यसभा: वंदेमातरम का अपमान अपराध होगा, कानून बना तो सजा और जुर्माना भी

मोदी सरकार राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026 पहले राज्यसभा में पेश करने वाली है। 1971 के अधिनियम के तहत मुख्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान, संविधान का अपमान करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत राष्ट्रीय सम्मान का अपमान करने पर 3 साल तक की जेल की सजा और जुर्माना हो सकता है।

सरकार ने इसी अधिनियम की धारा 3 में संशोधन किया है। वह राष्ट्रगीत वंदेमातरम को राष्ट्रगान के बराबर का दर्जा दिलाना चाहती है। यानी बिल का मकसद राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की तरह ही कानूनी सुरक्षा देना है।

बिल के प्रावधानों के अनुसार अब वंदेमातरम् गाने में रुकावट डालने, किसी भी तरह से उसका अपमान करने वाले काम को दंडनीय बनाया जाएगा।

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