अयोध्या : अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा SIT बनाने का आदेश दिया है। सोमवार दोपहर 3:30 बजे सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने कहा- नए सिरे से SIT बनाई जाए। सीनियर IPS अधिकारी टीम की अगुआई करें, ताकि जांच किसी निर्णायक स्तर तक पहुंचे।
CJI ने कहा- जांच निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के होनी चाहिए। हम केवल एक चेतावनी दे रहे हैं। कृपया राजनीति न करें, इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करें।
कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता को यूपी सरकार से SIT के लिए नाम लेकर आने को कहा। अदालत अब 27 जुलाई को अगली सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ताओं की तरफ से एडवोकेट देवदत्त कामत और अन्य शामिल थे।
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SG- हमने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। जांच चल रही है। 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
CJI- अभी जांच कौन कर रहा है?
SG- सच्चाई का पता लगाने के लिए SIT बनाई गई थी। अब पुलिस इसकी जांच कर रही है। SIT ने पाया है कि यह एक संज्ञेय अपराध है।
CJI- SIT का फिर से गठन किया जाए, जिनमें कुछ सीनियर विशेषज्ञ हों, IPS अधिकारी जांच टीम की अगुवाई करें, ताकि जांच किसी निर्णायक स्तर तक पहुंचें।
CJI- हम 3-4 दिन बाद इस मामले पर सुनवाई करेंगे। जांच के हर पहलू पर गौर करेंगे। SIT में वरिष्ठ सदस्य थे। कृपया पता करें कि क्या जांच के लिए SIT बनाई जा सकती है।
SG- जी हां, हम इसे बनाएंगे और रिकॉर्ड पर रखेंगे।
एडवोकेट कामत- राज्य को दान की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। ऐसी खबरें हैं कि ये चीजें गायब हो गई हैं।
CJI- आपको व्यावहारिक होना होगा। लोग कह सकते हैं कि हमने हीरा दान किया है। जहां भी रसीद दी गई है, उसका रिकॉर्ड होना चाहिए
वकील- जांच SIT नहीं, बल्कि अयोध्या के सर्कल ऑफिसर कर रहे हैं।
CJI- हम देखेंगे कि क्या करना है। हम सोमवार को कुछ निर्देश जारी करेंगे।
रविवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई थी स्टेटस रिपोर्ट
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने रविवार देर रात जांच की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी। रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई है। इससे पहले 13 जुलाई को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूपी, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने SIT से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।
दरअसल, चढ़ावा चोरी से जुड़ी चार अलग-अलग याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं। इनमें जांच CBI को सौंपने के अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग की गई है।

