जैसलमेर : राजस्थान की स्वर्ण नगर जैसलमेर में रविवार को इतिहास बदल गया। पहली बार जैसलमेर एयरपोर्ट पर ‘समर शेड्यूल’ यानी गर्मियों में हवाई सेवा की शुरुआत हुई।
अलायंस एयर का 72 सीटर विमान जब रनवे पर उतरा, तो ढोल-नगाड़ों और राजस्थानी लोक गीतों के साथ उसका जोरदार स्वागत किया गया।
दरअसल, जैसलमेर में पर्यटन सीजन सर्दियों तक ही रहता था। गर्मियों में हवाई सेवा बंद कर दी जाती थी। लेकिन अब यह मिथक टूट गया है।
जयपुर से जैसलमेर के बीच सड़क या ट्रेन से करीब 10-12 घंटे लगते हैं, लेकिन फ्लाइट शुरू होने से यह दूरी सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट में तय होगी। फिलहाल यह फ्लाइट हर रविवार और गुरुवार को उड़ान भरेगी।
इससे टूरिस्ट्स और व्यापारियों को समय की बचत होगी। साथ ही बीमार मरीजों और प्रशासनिक अफसरों को भी जयपुर से सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
2017 में जैसलमेर एयरपोर्ट से पहली बार उड़ानें संचालित की गई थी, लेकिन गर्मियों में संख्या में कमी को देखते हुए इसे ऑफ सीजन मानते हुए उड़ानें जारी नहीं रखी जाती थी।

मई में पहली बार जयपुर से जैसलमेर एयरपोर्ट पहुंची फ्लाइट में आए पैसेंजर्स का स्वागत किया गया।
समर शेड्यूल की पहली फ्लाइट में जैसलमेर की कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, एसपी अभिषेक शिवहरे, पूर्व राजपरिवार की सदस्य राजमाता राजेश्वरी राज्य लक्ष्मी और बिजनेसमैन मयंक भाटिया,आई लव फाउंडेशन की शाहीन खान समेत 12 लोग सवार थे। उनके जैसलमेर एयरपोर्ट पर उतरते ही ढोल नगाड़ों के साथ तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया।
जबकि वापसी में जैसलमेर से 4 यात्रियों ने जयपुर के लिए उड़ान भरी। एयरपोर्ट पर स्थानीय लोगों ने यात्रियों का माला पहनाकर पारंपरिक स्वागत किया।
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर हो रहा संचालन
इस हवाई सेवा को शुरू कराने में जैसलमेर के होटल संचालकों और टूर ऑपरेटर्स का बड़ा योगदान रहा है।
बिजनेसमैन मयंक भाटिया ने बताया कि स्थानीय लोगों ने मिलकर ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’ का जिम्मा उठाया है, ताकि ऑफ-सीजन में भी कनेक्टिविटी न टूटे। इसका मतलब है कि बिजनेसमैन समेत कुछ आर्थिक रूप से मजबूत लोग पैसेंजर्स नहीं होने पर एयरलाइंस के आर्थिक नुकसान की भरपाई करेंगे, जिससे उड़ान जारी रहे।

तस्वीर जैसलमेर के सोनार फोर्ट की है। यहां पर्यटन सीजन में देश-विदेश से काफी टूरिस्ट आते हैं।
अब गर्मी में भी जारी रहेगी उड़ान
कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने कहा कि जैसलमेर को ‘ऑल वेदर डेस्टिनेशन’ के रूप में पहचान दिलाना चाहते हैं। अब गर्मियों में पर्यटकों को खींचने के लिए ‘नाइट टूरिज्म’, ‘ड्यून्स वॉक’, ‘स्टार गेजिंग’ और एडवेंचर एक्टिविटीज को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐतिहासिक स्मारकों पर लाइटिंग की जाएगी, जिससे पर्यटक शाम और रात के समय सुकून से घूम सकें।
आमतौर पर ईयर एंड या फिर पीक सीजन में टूरिस्ट्स यहां आते हैं, लेकिन प्रयास यहीं है कि टूरिस्ट्स लगातार यहां आए। इसी को लेकर खास कैलेंडर भी तैयार कर रहे हैं, जिसमें लोकल इवेंट्स को हाईलाइट किया जाएगा।

