आगरा, वाराणसी, कानपुर : यूपी में स्मार्ट मीटर का विरोध बढ़ता जा रहा है। रविवार को आगरा, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, फतेहपुर और वाराणसी में स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदर्शन हुए। फतेहपुर में बिजली उपभोक्ताओं ने स्मार्टर उखाड़कर पावर हाउस में फेंक दिए।
आगरा में महिलाओं ने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़कर सड़कों पर फेंक दिए। कहा, हमें स्मार्ट नहीं, पुराना वाला मीटर चाहिए। स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिल ज्यादा आ रहा है। एडवांस में रुपए जमा कराए जा रहे हैं। रुपए जमा करने पर भी बिजली कट रही है। पता करने पर कहते हैं कि बैलेंस माइनस में है। यहां दो दिन पहले भी प्रदर्शन हुआ था।
लखनऊ में पुलिस से झड़प, घसीटकर ले गई
लखनऊ में AAP पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। आप कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर और तख्ती लेकर शक्ति भवन पहुंचे। भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने श्रीराम टावर के पास रोक लिया।
प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की जिद पर अड़ गए। इस पर उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। घसीटते हुए गाड़ी में बैठाकर ईको गार्डन ले गई। प्रदर्शन में शामिल प्रतिपाल सिंह ने पगड़ी नोच कर अपमानित करने का आरोप लगाया है।

आगरा के छलेसर गांव में स्मार्ट मीटर उखाड़कर सड़क पर फेंक दिए।

कानपुर में स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदर्शन करतीं महिलाएं।

वाराणसी में स्मार्ट मीटर को लेकर आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन किया।

लखनऊ में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं को घसीटकर ले गई पुलिस।
वाराणसी में आप प्रवक्ता बोले- हम विरोध करते रहेंगे
वाराणसी के चौकाघाट विद्युत उपकेंद्र पर आम आदमी पार्टी ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रवक्ता मुकेश सिंह ने कहा – स्मार्ट मीटर से आम जनता को परेशान किया जा रहा है। हम इसका हर हाल में विरोध करते रहेंगे। क्योंकि इसका बिल मनमाने तरीके से लिया जा रहा है। सरकार इसे तत्काल बंद करे, क्योंकि ये स्मार्ट तरीके से लोगों से चीटिंग कर रहा है।
स्मार्ट मीटर का क्यों हो रहा विरोध
बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर बहुत तेज चलता है। इससे कम इस्तेमाल करने पर भी ज्यादा बिल आ रहा है। यहां तक की कई बार बिना इस्तेमाल के भी बैलेंस कम हो जाता है। बैलेंस माइनस में जाते ही बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। रिचार्ज के बाद भी कई बार सप्लाई तुरंत बहाल नहीं होती।
स्मार्ट मीटर को कई महीनों से हो रहे विरोध के बाद प्रदेश सरकार ने सरकार को नया आदेश जारी किया था। इसके मुताबिक, 1 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 30 दिन तक और 2 किलोवाट पर 200 रुपए माइनस होने पर भी बिजली नहीं काटने की बात कही गई थी।

