- SDO, JE से लेकर SE देहात तक शिकायत, फिर भी नहीं हुई सुनवाई
दैनिक उजाला, मथुरा/बलदेव : बलदेव नगर की गलियों में बिजली विभाग की भारी लापरवाही सामने आ रही है। कस्बे के कई मोहल्लों में बिजली और इंटरनेट के तार खंभों से अलग होकर जमीन से मात्र 4 से 5 फीट की ऊंचाई पर लटक रहे हैं। संकरी गलियों और मुख्य रास्तों से गुजरने वाले लोगों के सिर के ऊपर झूलते ये तार कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और श्रद्धालु इन रास्तों से गुजरते हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते स्थिति दिन-प्रतिदिन और खतरनाक होती जा रही है। कई जगह खंभों पर बिजली, इंटरनेट और केबल तारों का ऐसा जंजाल बना हुआ है कि खंभे खुद कमजोर दिखाई देने लगे हैं। कुछ स्थानों पर बॉक्स और तार खंभों से अलग होकर हवा में लटक रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार इस गंभीर समस्या की शिकायत कई बार विद्युत विभाग के JE, SDO और यहां तक कि SE देहात तक से की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण तक करना जरूरी नहीं समझा। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बाद भी विभाग पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि संबंधित SDO वर्तमान में अवकाश पर हैं, जबकि मामले में जानकारी लेने के लिए JE और SE देहात को कई बार फोन किए गए, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। इससे स्थानीय लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

फोटो में साफ देखा जा सकता है कि कई गलियों में तार नीचे झूल रहे हैं और पोलों पर अव्यवस्थित तरीके से लटके केबल हादसे को न्योता दे रहे हैं। एक जगह तो पोल के ऊपर लगा बॉक्स और उससे निकले तार पूरी तरह बेतरतीब हालत में दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में संकरी गली के बीच नीचे झूलते तार राहगीरों के बेहद करीब नजर आ रहे हैं।
स्थानीय गोपाल, सुधीर का कहना है कि यदि जल्द इन तारों को व्यवस्थित नहीं किया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने विद्युत विभाग और प्रशासन से तत्काल निरीक्षण कराकर ढीले और नीचे लटक रहे तारों को सही कराने की मांग की है।
लोगों ने उठाए सवाल
- क्या विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?
- शिकायतों के बावजूद निरीक्षण क्यों नहीं किया गया?
- आखिर खंभों पर फैले तारों के जंजाल की जिम्मेदारी किसकी है?
नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और शासन स्तर तक पहुंचाई जाएगी।

