- डीडीआई स्कूल में छात्रा की आत्महत्या के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है
अमृतसर : डीडीआई स्कूल फतेहगढ़ चूड़ियां रोड की छात्रा द्वारा आत्महत्या करने के मामले के बाद स्कूल प्रबंधन पर शिक्षा विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला शिक्षा विभाग की टीम सोमवार और मंगलवार को डीडीआई स्कूल परिसर में पहुंची थी लेकिन टीम को खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा।
जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी राजेश कुमार और डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी राजेश खन्ना की अगवाई में टीम ने सोमवार और मंगलवार को दौरा किया। इस दौरान स्कूल के गेट पर और कमरों में ताला लगा हुआ था।
स्कूल प्रबंधन का कोई भी प्रतिनिधि बातचीत के लिए विभाग के अधिकारियों को नहीं मिला। इस बाबत शिक्षा विभाग अमृतसर ने डीडीआई स्कूल प्रबंधन से छात्र आत्महत्या मामले में पत्र लिखकर जवाब मांगा है। अभी तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है।
हरजोत सिंह बैंस का डीडीआई स्कूल प्रबंधन पर सख्त एक्शन लेने का आदेश
गौर हो कि शिक्षा मंत्री पंजाब हरजोत सिंह बैंस ने डीडीआई स्कूल प्रबंधन पर सख्त एक्शन लेने की बात कही है। छात्र आत्महत्या करने के बाद पंजाब सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। इस मामले में स्कूल प्रबंधन के किसी भी आरोपी को ना बख्शने की बात भी कही गई है।
अमृतसर के फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित एक निजी स्कूल की 17 वर्षीय छात्रा ने फीस न भर पाने के बाद अपनी जान ले ली थी। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा अमजोत कौर ने कथित तौर पर स्कूल में हुई प्रताड़ना से दुखी होकर जहरीला पदार्थ निगल लिया था। कई दिनों तक अस्पताल में उपचार के बाद शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
मृतका की मां सरबजीत कौर ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी जिस स्कूल में पढ़ती थी, वहां फीस और दाखिले से संबंधित करीब 20 हजार रुपये बकाया थे। उनका कहना है कि 22 मई को स्कूल में फीस को लेकर छात्रा को प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ सदस्यों के सामने कथित रूप से अपमानित किया गया। परिवार का आरोप है कि बच्ची इस घटना से मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई थी।

